बरेली। स्मार्ट सिटी में 57,000 स्मार्ट मीटर लगा दिए गए मगर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अफसरों की कार्यशैली अभी भी पुराने ढर्रे पर है। यहां की व्यवस्थाएं स्मार्ट नहीं हो सकीं। इसका खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं। दरअसल, बिल जमा होने के बाद बिजली स्वत: जुड़ नहीं पाती। यह सिस्टम तीन महीने से फेल है। शिकायत पर मीटर बदले नहीं जाते। लोग अफसरों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
नवादा शेखान में हाई वोल्टेज आने पर 15 अगस्त की रात दो बजे मोहल्ले के 25 उपभोक्ताओं के मीटर खराब हो गए। आपूर्ति ठप हो गई। 64 घंटे तक न बिजली दी गई, न मीटर बदले गए। गर्मी में बच्चे बिलख गए। बीमार तड़प गए। फिर भी स्थानीय अभियंता नहीं चेते। उपभोक्ताओं ने 1912 पर मुख्यालय तक शिकायत दर्ज कराई। तब अभियंताओं को बिजली देने की याद आई। मीटर को बाईपास करते हुए 18 अगस्त को शाम छह बजे आपूर्ति चालू कराई गई। मीटर कब तक बदले जाएंगे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। यह मामला सिर्फ नवादा शेखान भर का नहीं है। शहर में जहां जहां इस तरह की दिक्कत होती है, उपभोक्ताओं पर आफत आ जाती है।
बिजली काटने का सिस्टम दुरुस्त, जोड़ने का नहीं
बताया जा रहा है कि बिल जमा होने पर ऑटोमैटिक तरीके से बिजली जुड़ने का सिस्टम चल रहा था लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट होने की वजह से बाधा पड़ गई। हालांकि बिल जमा न होने पर दफ्तर से ही आपूर्ति ठप किए जाने का सिस्टम एक्टीवेट है। उपभोक्ता सवाल उठा रहे हैं कि बिजली काटने में तो आगे रहते हैं, लेकिन जोड़ने वाले सिस्टम में सुधार में तेजी नहीं दिखाई जा रही है।
फैक्ट फाइल
2,10,000 उपभोक्ता हैं शहर में
57,0000 स्मार्ट मीटर लगाए गए चार वर्ष पहले
1,50,000 स्मार्ट मीटर रीवैंप योजना में लगाए जाएंगे
उपभोक्ताओं का दर्द
रिश्तेदारों के घर सोना पड़ा
विनीता कुमारी कहती हैं कि घर का स्मार्ट मीटर खराब होने के बाद जेई, एसडीई, एक्सईएन, एसई और चीफ इंजीनियर तक से सीधे फोन पर बातचीत की। टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई। अभी तक मीटर नहीं बदला। बिजली 64 घंटे बाद मिली। दो रातें ऐसी रहीं जब परिवार को गर्मी की वजह से रिश्तेदारों के घर सोना पड़ा। आप ही बताएं ये सिस्टम उपभोक्ता के लिए संवेदनशील कहां है।
शकुंतला देवी का कहना है कि जब स्मार्ट मीटर उपलब्ध नहीं था तो सामान्य मीटर लगाकर आपूर्ति बहाल की जा सकती थी। इसमें अधिकारियों ने देरी की और हमें इधर से उधर दौड़ाया। मीटर बदलने आए कर्मचारियों ने एक व्यक्ति के घर मीटर लगाया। बाकी को मना कर दिया। ऐसा लगता है कि भेदभाव के साथ काम हुआ। जब बिल जमा कर रहे हैं तो बिजली मिलनी ही चाहिए।
कोट-
अगर किसी ने बिल जमा किया और बिजली नहीं जुड़ी तो उपभोक्ता को अपने क्षेत्र के जेई या एसडीई से संपर्क करना है। तत्काल बिजली जोड़ दी जाएगी। जोड़ी भी जाती है। हर रोज ऐसे कई मामले सामने आते हैं। इसी तरह अगर लखनऊ से स्मार्ट मीटर सिम के साथ मिलने में देरी होती है तो नवादाशेखान में सामान्य मीटर लगवाए जाएंगे। मीटर बदलने में जेई और एसडीओ से आख्या लेने की वजह से देरी हो जाती है।
-विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता