बरेली। केशव कृपा भवन में चिन्मयी महिला विमर्श मंच एवं राष्ट्र सेविका समिति के संयुक्त तत्वावधान में नारी से नारायणी-चेतना से सिद्धि की ओर विषय पर चिन्मयी संगम संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. नीलिमा गुप्ता, प्रो. संतोष अरोरा, प्रो. अनीता त्यागी, श्रुति गंगवार एवं एडवोकेट श्रद्धा सक्सेना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
मुख्य वक्ता प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि चेतना जागृत कर ही सिद्धि प्राप्त की जा सकती है। ऐसे विमर्श समाज में निरंतर होने चाहिए। अध्यक्षता कर रहीं प्रो. संतोष ने कार्यस्थलों और समाज में व्याप्त ग्लास सीलिंग जैसे अदृश्य अवरोधों को चुनौती देते हुए महिलाओं को स्वयं आगे आने के लिए प्रेरित किया। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन श्रुति गंगवार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रो. अनीता त्यागी ने वेदों और पुराणों के उदाहरणों से भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की महत्ता सिद्ध की। कानूनी पक्ष रखते हुए अधिवक्ता श्रद्धा सक्सेना ने पोष एक्ट और कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी अधिकारों की जानकारी दी। प्रो. नीलम गुप्ता के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में भारती अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद