बरेली। वस्त्र मंत्रालय बरेली में प्रस्तावित मेगा कलस्टर जल्द से जल्द शुरू कराना चाहता है, लेकिन संचालन एजेंसी और प्रदेश सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इसकी गुणवत्ता और कार्य प्रणाली पर विकास आयुक्त ने तल्खी जतायी है। आयुक्त ने स्थानीय सीएफसी देखे और कारीगरों ने जानकारी ली।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री संतोष गंगवार अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मेगा कलस्टर निर्धारित समय पर ही शुरू कराना चाहते हैं, लेकिन भू अधिग्रहण और अनुबंधन आदि कार्यों में स्थानीय प्रशासन और उद्योग विभाग से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। यूपी सरकार भी इसमें कोई खास रुचि नहीं ले रही है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) तलब किए और मेगा कलस्टर परियोजना में तेजी लाने पर जोर दिया। इसके बाद विकास आयुक्त के. गोपाल वरिष्ठों की टीम लेकर रविवार में बरेली पहुंचे।
विकास आयुक्त गोपाल ने मेगा कलस्टर प्रगति समीक्षा में एनसीडीपीडी और एचएमसीएम द्वारा किए जा रहे कार्यकलापों पर तीखी नाराजगी जतायी। गोपाल ने इन दोनों एजेंसियों की गुणवत्ता पर बिफरते हुए परियोजना में तेजी लाने को कहा। आयुक्त सीएफसी (कामन फैसिलिटी सेंटर) मथुरा पुर पहुंचे बेंत, बांस कार्य देख सराहाया। सिकलापुर में लकड़ी नक्काशी देखी और कारीगरों को हस्तशिल्प श्रेणी शामिल करने का वादा किया। जकाती, गोविंदापुर, बिधौलिया आदि स्थानों पर संचालित केंद्र पहुंचे आयुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण योजना में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। एडिशनल कमिश्नर एसके झा, क्षेत्रीय निदेशक वीरेंद्र कुमार, अधिशासी निदेशक एनसीडीसीडी आरके श्रीवास्तव, सुनील शर्मा आदि मौजूद रहे।