विमक ो के फिर से चालू होने की भ्रामक खबर के बाद वीआरएस ले चुके आक्रोशित श्रमिकों ने जमकर हंगामा काटा। श्रमिकों का आरोप था कि स्थाई कर्मचारियों को हटाकर प्रबंधन फि र से फैक्ट्री में उत्पादन करना चाहता है। इस दौरान नाराज प्रशिक्षु कर्मियों ने भी हंगामा किया। उनकी पैरवी करने के लिए छात्र संघ और विद्यार्थी परिषद के नेता भी पहुंच गए । उन्होंने भी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
करीब ढाई तीन घंटे तक फैक्ट्री परिसर में अफरा तफरी बनी रही। हालत खराब होते देख प्रबंधन ने फोर्स बुलाई, पुलिस ने श्रमिकों की प्रबंधन से वार्ता कराई। इस दौरान प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री बंद है और भविष्य में उत्पादन शुरु करने का कोई सवाल ही नहीं है। इस आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
एक साल से स्थायी नियुक्ति को लेकर संघर्ष कर रहे 250 ट्रेनी और 57 अप्रेंटिस कर्मी अपना भविष्य अंधकार में होता देख आरपार की लड़ाई की स्थिति में आ गए हैं। इन्हें बुधवार को वार्ता के लिए बुलाया गया था। इनके समर्थन में छात्र संघ नेता सुबह 11 बजे फैक्ट्री पहुंच गए थे। जिन्हें गेट पर रोका तो सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक हो गई। वह सुरक्षा कर्मियों को धक्का देकर फैक्ट्री के अंदर चले गए। इसी बीच प्रबंधन ने पुलिस बुला ली। पुलिस ने छात्र नेताओं और प्रबंधन की बैठक कराई।
संविदा श्रमिकों और छात्र नेताओं के तेवर देखकर प्रबंधन ने दो दिन की मोहलत मांगी है। प्रबंधन ने बताया इस मामले में मुख्यालय से दिशा निर्देश मांगे हैं, वहां से जो भी निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार उनकी मांगों पर विचार होगा। बैठक में महेश उपाध्याय, जगदीश गंगवार, मोहम्मद माजिद, शेलेंद्र कुमार, अनिल शर्मा, अशोक तिवारी, चंद्रपाल आदि थे।
विमको ने नहीं दिया जवाब
श्रम विभाग ने विमको में हुई अघोषित तालाबंदी और उत्पादन ठप होने पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। इस मामले में बुधवार तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई जवाब न मिलने पर उप श्रमायुक्त राजेश कुमार ने अपने स्तर से सीबीगंज क्षेत्र के श्रम निरीक्षक से वहां के हालात पर रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में श्रम निरीक्षक एसपी गौतम ने बुधवार शाम रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें कहा गया है कि फैक्ट्री परिसर में वीआरएस की प्रक्रिया चल रही है। प्रबंधन ठीक से बात करने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए विमको का पक्ष नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में उप श्रमायुक्त ने कहा है कि रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
200 को हुआ भुगतान
बरेली। फैक्ट्री प्रबंधन ने वीआरएस ले चुके श्रमिकों में से 200 को चेक से बुधवार को भुगतान कर दिया। इन श्रमिकों को सवा-सवा लाख रुपये का भुगतान किया गया है। गुरुवार को बाकी के श्रमिकों को वीआरएस का भुगतान करने के संकेत मिले हैं।