बिथरी से दातागंज तक संभावित तालमेल की चर्चा
चर्चा है कि वीरपाल सिंह यादव और धर्मेंद्र कश्यप के बीच सीटों को लेकर तालमेल की संभावना पर चर्चा हुई। इसमें बिथरी चैनपुर और दातागंज का जिक्र किया गया है। हालांकि, दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए राजनीतिक समझौते के बजाय संभावित समीकरण के रूप में ही देखा जा रहा है।
तीन सीटों पर क्यों टिकी निगाहें
आंवला, बिथरी चैनपुर और दातागंज की चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये तीनों क्षेत्र बरेली और आसपास के राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े हैं। धर्मेंद्र कश्यप की भाजपा से दूरी और अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उनके परिवार की संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कीर्ति कश्यप की उम्मीदवारी पर सहमति बनती है, तो बिथरी चैनपुर में सपा की रणनीति में नए चेहरे की भूमिका हो सकती है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, चुनाव से पहले नेताओं की मुलाकातों, संगठनात्मक जिम्मेदारियों और संभावित उम्मीदवारों के नामों को जोड़कर समीकरण तलाशे जाते हैं। लेकिन किसी सीट पर दावेदारी, संगठन की जिम्मेदारी और पार्टी का आधिकारिक टिकट तीन अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल धर्मेंद्र कश्यप की सपा नेतृत्व से मुलाकात ने इन चर्चाओं को जरूर तेज किया है। अब नजर इस बात पर है कि सपा नेतृत्व इन संभावित नामों पर क्या रुख अपनाता है और क्या आने वाले दिनों में कोई औपचारिक घोषणा होती है।