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जांच के घेरे में मेडिकल कॉलेज, एसीएमओ ने की छानबीन

Fri, 29 Dec 2017 02:06 AM IST
बरेली।
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कूंडे में ‌िममिली ह‌िडडि््िडडियां
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रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने अस्थियां मिलने की खबर फैली तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी दौड़ने लगे। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को मामले की जांच सौंप दी है। एसीएमओ ने दोपहर बाद रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर छानबीन की। अस्पताल के सामने सिर्फ अस्थियां और कचरा ही नहीं बल्कि मेडिकल वेस्ट, प्रयोग किए पैड और रुई और पट्टियां भी काफी मात्रा में पड़ी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी कर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। 
जो अस्थियां मेडिकल कॉलेज के सामने मिले हैं वह मानव अस्थियां बताई जा रही हैं हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही होने की भी बात कही जा रही है। वैसे यह साफ है कि अधजली खोपड़ी इंसान की ही है। फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की शक की सुई मेडिकल कॉलेज पर ही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पड़ताल के लिए सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने मेडिकल वेस्ट निस्तारण एजेंसी के कागज देखे। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि कूड़ा जलाया जाना गलत बात है इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। कंकाल की पुष्टि के लिए जांच होगी। मौके पर कूड़े के अलावा मेडिकल वेस्ट का भी कुछ अंश पाया गया है जो इस तरह फेंका जाना नियमों के विरुद्ध है। 
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कोट 
प्रारंभिक जांच में कूड़े का जलाया जाना पाया गया है जो गलत है। यहां मेडिकल वेस्ट के अलावा अन्य कचरा भी पाया गया है जिसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा। अस्थियां किसकी हैं, इसकी पुष्टि के लिए जांच होगी। 
डॉ. अशोक कुमार, एसीएमओ 


अस्थियों के मिलने की जानकारी होने के बाद इसकी जांच बैठाई गई है। एसीएमओ इस मामले को देख रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद ही कुछ कह सकता हूं। 
डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ 

यह बहुत ही गंभीर बात है कि मेडिकल कॉलेज के सामने कूड़ा जलता मिला है और अस्थियों के कुछ अंश पाए गए हैं। इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। इसके बाद ही दोषियों पर कार्रवाई की जा सकती है। 
डॉ. उमेश गौतम, मेयर 

मेडिकल कॉलेज के पास नकटिया नदी है जिसके दूसरी तरफ गांव वालों ने अस्थायी श्मशान बनाया है। हो सकता है कि वहां से कपाल व कंकाल इधर आ गए हों। हड्डी का टुकड़ा फेंकने का कोई मतलब ही नहीं है। हमारा सारा मेडिकल वेस्ट एजेंसी ले जाती है। 
डॉ. केशव कुमार अग्रवाल, संचालक, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज


रातभर चली हड्डियों की खोजबीन 
कुत्तों द्वारा एक डिब्बे में बंद भ्रूण को नोचते हुए देखकर किसी राहगीर ने बारादरी थाने की पुलिस को बुधवार को खबर दी थी। रुहेलखंड चौकी के प्रभारी सिद्धार्थ उपाध्याय रातभर अस्थियों को ढूंढते रहे, लेकिन उन्हें मानव हड्डियां या भ्रूण नहीं मिला। बृहस्पतिवार को दोबारा कूड़े के ढेर में मेडिकल वेस्ट के बीच सर्च अभियान में करीब 500 मीटर के दायरे में मानव खोपड़ी सहित हड्डियां बिखरी हुई मिली। 
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कुत्ते नोंचते दिखे मांस 
पुलिस को दर्जनों कुत्ते नदी के किनारे कूड़े पर मिले। जिनके मुंह में ताजा मांस था। बड़ी मात्रा में वहां कूड़ा जल रहा था। बारादरी थाने के प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि यहां शव किन हालात में पहुंचा, इसकी जांच कराई जा रही है। बता दें कि कुछ दिन पहले डोहरा मोड़ से पहले पेड़ों के झुरमुट से बोरे में मासूम अयान की लाश भी ऐसे ही हत्यारे फेंक गए थे। 

पुलिस जांच के बिंदु : 
- मेडिकल वेस्ट के बीच मानव खोपड़ी कैसे पहुंची
- चारों तरफ गार्ड तैनात है फिर भी यहां कोई लाश कैसे फेंक गया 
- यहां मेडिकल वेस्ट और हड्डियां कौन फेंकता है
- यह मानव खोपड़ी किसी क्राइम के बाद लाश को छुपाने के दौरान तो यहां नहीं पहुंची
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बारादरी पुलिस मामले की जांच कर रही है। मानव खोपड़ी और हड्डियों का मिलना संवेदनशील मामला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई बातें सामने आएंगी। 
- कमलेश बहादुर, प्रभारी एसपी सिटी 
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