अलाव में क्यों डाल रहे हरी लकड़ी...जवाब नहीं दे पाए अधिकारी
पार्षदों की शिकायत पर जब महापौर ने पूछा कि अलाव में हरी लकड़ी क्यों डाल रहे, कैसे जलेगी? अफसर जवाब नहीं दे पाए। पार्षदों ने कहा कि लकड़ी कम डाली जा रही है। महापौर ने कहा कि भुगतान से पहले जांच कराएं। पार्षदों से सत्यापन के बाद ही भुगतान हो। महापौर ने यह भी पूछा कि 50 किलोग्राम के स्थान पर 30 किलोग्राम लकड़ी क्यों डाली गई? अधिकारी ने कहा कि लकड़ी टाल पर कम पड़ गई थी। महापौर ने कहा कि यह तो फर्म की जिम्मेदारी है, उस पर क्या कार्रवाई की गई? इसका भी जवाब नहीं मिला, लेकिन यह जरूर कहा कि अब प्रत्येक अलाव में 50 किलोग्राम लकड़ी ही पड़ेगी।
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि हम 100 करोड़ से ऊपर की सड़कों के लिए टेंडर निकाल चुके हैं। अब 30 करोड़ रुपये की सड़कों के लिए टेंडर जल्द निकलेंगे। सीलिंग की 34 हेक्टेयर जमीन पर मियावाकी तकनीक से पौधे लगाए जाएंगे। 31 मार्च तक पार्कों पर दो करोड़ और कान्हा उपवन के लिए 50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।