बरेली। आई लव मोहम्मद मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत (कौंसिल) आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां की ओर से शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन मुश्किल नजर आ रहा है। सौदागरान और बिहारीपुर की गलियों को पुलिस ने छावनी बना दिया है। इन्हीं गलियों में घूमकर डीएम-एसएसपी ने बिना अनुमति आयोजन पर कार्रवाई की बात कह दी। देर रात तक आईएमसी प्रवक्ता का भी मौलाना से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
कानपुर से शुरू हुई चिंगारी ने कई जगह हंगामा बरपाया है। बरेली में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन करने और कलक्ट्रेट जाकर अधिकारियों को ज्ञापन देने का ऐलान किया था। अब पुलिस-प्रशासन ने इसे रोकने की पूरी तैयारी कर ली है। मौलाना नहीं माने तो शुक्रवार सुबह ही उन्हें नजरबंद किया जा सकता है। मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीशी ने संदेश भेजकर मीडिया को बताया कि पारिवारिक व्यस्तता की वजह से मौलाना किसी की कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं। पार्टी प्रमुख से उनकी भी बात नहीं हो पा रही है। वहीं, मौलाना तौकीर से भी देर रात तक संपर्क नहीं हो सका।
डीएम और एसएसपी ने बिहारीपुर इलाके में घूमकर कहा कि बिना अनुमति के किसी ने भी रैली निकालने या प्रदर्शन करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि जिले में धारा-163 (पूर्व में 144) लगी है। पूरे जिले में रैली, धरना-प्रदर्शन पर रोक लगी है। उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि नवरात्र में अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी ने बताया कि 15 कंपनी पीएसी के साथ ही 37 सौ पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। इसमें दूसरे जिलों से 200 दरोगा, 500 सिपाही, पांच कंपनी पीएसी, जिले से 700 दरोगा, 2500 आरक्षी और मुख्य आरक्षी मौजूद रहेंगे। 13 सीओ, पांच एडिशनल एसपी भी तैनात किए गए हैं। आठ ड्रोन टीमें व 15 क्विक रिस्पांस टीमें स्थिति पर नजर रखेंगी। आईसीसीसी के सभी कैमरों से माॅनिटरिंग की जाएगी। लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए 800 महिला आरक्षियों और अन्य कर्मियों के साथ अधिकारियों ने बिहारीपुर चौकी, मलूकपुर चौकी से किला रोड, बड़ा बाजार, महादेव पुल, साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज, मिर्ची स्ट्रीट से श्यामगंज चौकी तक रूट मार्च किया।
आई लव मुहम्मद का बैनर लगाने पर पड़ोसी महिलाओं में तकरार
कोतवाली के पीछे आजमनगर में बृहस्पतिवार शाम आसपास रह रहे दो अलग-अलग समुदाय के परिवारों की महिलाओं में आई लव मुहम्मद के बैनर को लेकर विवाद हो गया। एक महिला के घर पर बैनर लगाया गया तो दूसरी ने इस पर ऐतराज जता दिया। तब एक महिला ने बताया कि शुक्रवार को कार्यक्रम के बाद बैनर उतार देंगे। कुछ देर में दोनों समुदाय के किशोर गली में क्रिकेट खेलने लगे। तब बैनर में गेंद लगने का हवाला देकर एक महिला ने हंगामा किया। पुलिस टीम ने उनको शांत कराया। इस दौरान खुराफातियों ने हंगामा व सांप्रदायिक विवाद की अफवाह उड़ा दी।
दरोगा के हाथ काटने और वर्दी उतरवाने की धमकी देने वाले आईएमसी के प्रवक्ता डॉ. नफीस पर भड़काऊ पोस्टर लगवाकर शहर का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने फोटो-वीडियो के साथ पुलिस से शिकायत की है। किला क्षेत्र निवासी सुमित सैनी ने बताया कि वह 24 सितंबर को किसी काम से बाहर गए थे। आधी रात को घर लौट रहे थे, तभी देखा कि आईएमसी प्रवक्ता मलूकपुर चौकी से उनके घर की तरफ दीवारों पर आपत्तिजनक पोस्टर लगवा रहे थे। लोगों ने यह पोस्टर देखे तो सुबह वह मलूकपुर चौकी व किला थाने में शिकायत करने पहुंचे। आने वाले दिनों में नफीस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। किला थाना पुलिस ने जमात रजा मुस्तफा के मीडिया प्रभारी मोईन का नाम भी केस में बढ़ाया है। किला थाना प्रभारी के मुताबिक नफीस के साथ वीडियो में मोईन भी दिखाई दे रहा है। उसकी गतिविधियां भी संदिग्ध हैं।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने कलक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि आईएमसी सनातनी पर्वों पर हर साल बरेली में दंगा कराने की कोशिश करती है। वर्ष 2010 के दंगों और चौकियों पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी आईएमसी प्रमुख की भूमिका संदिग्ध रही थी। महासभा ने मांग की कि इंस्पेक्टर के हाथ काटने की धमकी देने वाले नफीस खान को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। आईएमसी की रैली और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया जाए।