विवादित बयान देने के लिए हैं चर्चित
ज्ञानवापी मामले पर हाल में ही उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवा सड़क पर उतर आए तो गृहयुद्ध हो जाएगा और फिर मैं भी नहीं रोक पाऊंगा। इसी तरह पिछले एक दशक में उन्होंने खुले मंच से कई बार विवादित बयान दिए। हाल में ही अयोध्या मामले पर भी कहा था कि उसमें तो हम सब्र कर गए, मगर अब नहीं करेंगे। यदि सरकार हर मस्जिद को मंदिर बनाने पर तुली रही तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। लेखिका तस्लीमा नसरीन पर भी विवादित बयान देकर घिरे थे। उन पर फतवा जारी किया था।
हाल में ही उन्होंने बरेली में जेल भरो आंदोलन का एलान किया था और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके आह्वान पर हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया। कहा था कि हमें मजबूर कर दिया गया है। मुल्क में नफरत का माहौल बनाया हुआ है। मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है कि अगर कोई हम पर हमलावर होता है तो उसे जान से मार दें।
बवाल के दूसरे दिन फिर दिया विवादित बयान
शुक्रवार शाम को श्यामगंज में हुए बवाल के बाद उन पर आरोप लग रहे हैं कि उनके भड़काऊ बयान से यह घटना हुई। बवाल के दूसरे दिन शनिवार को उन्होंने फिर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेरे लोगों पर हिंदू आतंकवादियों ने पत्थर चलाए मगर मुकदमा हम पर लिखा जा रहा है। यदि पुलिस ने ठीक से जांच कर पत्थर चलाने वालों को नहीं पकड़ा तो मैं फिर धरने पर बैठूंगा, गिरफ्तारी दूंगा। यह पुलिस भी खुद को साबित करे कि वह ईमानदारी से काम करते हैं या सरकार के दबाव में बेईमानी करते हैं।
जब मांगनी पड़ी थी माफी
तौकीर रजा ने दस साल पहले देश की सभी मसलकों को एकजुट कर एक मंच पर लाने की कोशिश शुरू की थी। इस दौरान वह देवबंद मरकज पर गए थे। इस पर आला हजरत दरगाह ने उनका विरोध किया था। सुब्हानी मियां ने उन्हें लेकर फतवा भी जारी कर दिया था। बाद में तौकीर के माफी मांगने पर मामला शांत हुआ था। हालांकि, इसके कुछ दिनों बाद ही तौकीर ने देवबंदी मुसलमानों द्वारा भेदभाव का दावा करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से अलग ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (जदीद) की स्थापना की है और वर्तमान में इसके प्रमुख भी हैं।
शुक्रवार को सुब्हानी मियां ने दिया था समर्थन
आमतौर पर पिछले एक दशक में मौलाना तौकीर के कार्यक्रमों को दरगाह से खुला समर्थन मिलता नहीं दिखाई दिया, मगर शुक्रवार को जब तौकीर रजा ने गिरफ्तारी देने का एलान किया तो दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां भी उनके समर्थन में उनके घर पहुंचे। बता दें कि पांच भाइयों में सुब्हानी मियां सबसे बड़े व तौकीर तीसरे नंबर पर हैं।