धार्मिक स्थलों को कोई खतरा नहीं- मौलाना
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से धार्मिक स्थलों को कोई खतरा नहीं है। मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानों, दरगाहों को कोई खतरा नहीं है। इन धार्मिक स्थलों की स्थिति जैसी है वैसी ही रहेगी। इन धार्मिक स्थलों में हुकूमत कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकती। मुसलमानों को कुछ राजनीतिक लोग अपने स्वार्थों का लाभ लेने के लिए गुमराह कर रहे हैं। मुसलमान इन राजनीतिक लोगों के बहकावे और उकसावे में न आएं।
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मौलाना ने आगे कहा कि गत वर्षों जब सीएए आने वाला था, तब राजनीतिक लोगों ने मुसलमानों को खूब गुमराह किया। यहां तक डराया कि अगर सीएए कानून लागू हो गया तो मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं था। बीते वर्षों में कानून के लागू होने के बाद तमाम चीजें स्पष्ट हो गई कि पूरे देश में किसी भी मुसलमान की नागरिकता नहीं छीनी गई, बल्कि नागरिकता प्रदान की गई है।