ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि फलस्तीन के शहर गाजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सामने एक फार्मूला रखा है। जिसमें कहा कि गाजा के रहने वाले लोग पड़ोसी देशों में चले जाएं। अमेरिका इस शहर को अपने कंट्रोल में लेकर निर्माण कार्य करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस सलाह को मुसलमान खारिज करते हैं। दुनिया के तमाम मुस्लिम संगठनों और मुस्लिम देशों ने भी ट्रंप के फार्मूले को नामंजूर कर दिया है। खुद गाजा में रहने वाले लोगों ने भी इस सलाह को कबूल करने से मना कर दिया है।
मौलाना ने कहा कि अमेरिका में सत्ता संभालने वालों के चेहरे बदलते रहते हैं, मगर नीतियां कभी नहीं बदलती। अमेरिका वो देश है जो मानवता की दुहाई देता है, वो एक तरफ खाने के पैकेट बंटवाता है तो दूसरी तरफ जंग करने के लिए गोला बारूद देता है। उसकी हमेशा लड़ाओ और हुकूमत करो की पॉलिसी रही है। वो एक तरफ मुस्लिम देशों से अच्छे रिश्ते बनाने की बात करता है वहीं दूसरी तरफ इस्राइल का मुकम्मल समर्थन करता है।
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि अमेरिका की दोहरी नीति अब दुनिया समझ गई है। मुसलमानों को ट्रंप से कुछ भी उम्मीदे नहीं रखनी चाहिए। मौलाना ने आगे कहा कि भारत का मुसलमान गाजा के मुसलमानों की इस मुश्किल घड़ी में हमदर्दी का इजहार करता है।