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UP: उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में मदरसों पर कार्रवाई का विरोध, मौलाना शहाबुद्दीन बोले- यह संविधान के विरुद्ध

Mon, 14 Apr 2025 03:22 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि संविधान ने अल्पसंख्यकों को अपनी संस्थाएं खोलने, उनका संचालन करने व शिक्षा देने के लिए इजाजत दी है। ऐसी सूरत में मध्यप्रदेश के मदरसे पर बुलडोजर चलाना, उत्तराखंड सरकार का मदरसों को बंद करना संविधान के विरुद्ध कदम है। 
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में मदरसों पर हो रही कार्रवाई का विरोध किया है। दोनों राज्यों में मदरसों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर मौलाना ने कहा कि यह वही मदरसे हैं, जिन्होंने 1857 से लेकर 1947 तक आजादी की जंग में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतें देश को आजाद कराने वाले मदरसों पर कार्रवाई कर रही हैं। यह संविधान के विरुद्ध है। 

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मौलाना ने उत्तराखंड सरकार से अपील करते हुए कहा कि हल्द्वानी में सील किए गए 13 मदरसों को तत्काल खोला जाए। कागजात में कमी और बेहतर शिक्षा ना होने पर उन्हें दुरुस्त कराने का काम किया जाए। 13 मदरसों को बंद करना इंसाफ का गला घोंटने के बराबर है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल करते हुए कहा कि जिन मदरसों को बगैर पंजीकरण के संचालन का आरोपी बनाया है, वह 1860 के तहत पंजीकरण है और मान्यता देने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। जिला प्रशासन मदरसों की मान्यता में लापरवाही से काम करता है। भ्रष्टाचार और मोटी रकम मांगने की वजह से मदरसों के संचालक मजबूत पैरवी नहीं कर पाते हैं। 

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मौलाना ने किया पीएम मोदी के नारे का जिक्र 
मौलाना बरेलवी ने कहा कि संविधान ने अल्पसंख्यकों को अपनी संस्थाएं खोलने, संचालन करने व शिक्षा देने के लिए इजाजत दी है। ऐसी सूरत में मध्यप्रदेश के मदरसे पर बुलडोजर चलाना और उत्तराखंड सरकार का मदरसों को बंद करना संविधान के विरुद्ध कदम है। दोनों सरकारें अगर इसी तरह अल्पसंख्यकों के संस्थाओं के खिलाफ कार्य करती रहेगी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए नारे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास पर भरोसा कायम करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

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