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मौलाना शहाबुद्दीन बोले: अटाला मस्जिद पर फिरकापरस्तों की नजरें, बाबरी की तर्ज पर किया गया है मुकदमा

Mon, 20 May 2024 05:06 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाल नेटवर्क, बरेली

सार

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि ये कहना गलत है कि फिरोजशाह तुगलक ने अटाला देवी मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया था। उन्होंने कहा कि चंद फिरकापरस्त ताकतें देश की ऐतिहासिक मस्जिदों को मंदिर बताने में लगी हुई हैं। 
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जौनपुर की अटाला मस्जिद के मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक अटाला मस्जिद का निर्माण फिरोजशाह ने 1393 ईसवीं में शुरू कराया था। 1408 ईसवीं में इब्राहिम शाह शर्की ने इसका निर्माण मुकम्मल कराया। मस्जिद के निर्माण में 15 साल का लंबा अरसा लगा। इसकी ऊंचाई 100 फीट से अधिक है, जो जौनपुर में अन्य मस्जिदों के निमार्ण के लिए बेहतरीन आदर्श मानी जाती है। 

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मौलाना ने कहा कि ये कहना गलत है कि फिरोजशाह तुगलक ने अटाला देवी मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया था। इसी मस्जिद से संबंधित एक दीनी मदरसा भी स्थापित हुआ। यह मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अभिलेखो में भी दर्ज है। उन्होंने कहा कि चंद फिरकापरस्त ताकतें भारत की ऐतिहासिक मस्जिदों को मंदिर बताने में लगी हुई हैं। 75 साल देश को आजाद हुए हो गए, मगर चंद लोग सांप्रदायिक सोच से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जो देश की तरक्की और विकास में बाधा बनी हुई है। 

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शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि चंद वर्षों से ये देखा जा रहा है कि बाबरी मस्जिद की तर्ज पर अन्य ऐतिहासिक मस्जिदों में मंदिर के निशान तलाश करके कोर्ट में मुकदमे दायर किए जा रहे हैं। अब इस तरह की सांप्रदायिक सोच रखने वालों को बाज आना चाहिए। भारत को विश्व गुरु बनाने में अग्रिसीत होना चाहिए। बता दें कि आगरा के एक अधिवक्ता ने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अटाला मस्जिद कमेटी के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में मंदिर होने का दावा पेश किया है।

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