शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि सीएए के संबंध में मुसलमानों के बीच गलतफहमियां फैली हुईं हैं उसी का राजनीतिक लोग फायदा उठाते हैं। जबकि हकीकत यह है कि इस कानून से भारत में रह रहे करोड़ों मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है। इसका संबंध सिर्फ अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए अल्पसंख्यकों से है, जो काफी वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब तक उनको नागरिकता नहीं मिल पाई है।