मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी नियाज अहमद के सोशल मीडिया पर जारी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना ने कहा कि भारत का मुसलमान अरब के लोगों को अपना रहनुमा या मार्गदर्शक नहीं मानता है। हमारे रहनुमा पैगंबर-ए-इस्लाम हैं। उनके बताए गए उसूल (शरीयत) हमारे लिए इस्लामी कानून हैं। यहां का मुसलमान देश के कानून के साथ ही साथ शरीयत पर भी अमल करता है।