निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती ने कहा कि अपने आप को सशक्त और संस्कारवान बनाने का जिम्मा परिवार को उठाना होगा। संस्कार ही भारतीय नारी की पहचान है।
बरेली के एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में रविवार को मातृशक्ति सम्मेलन हुआ। सम्मेलन की मुख्य अतिथि निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती ने कहा कि यदि नारियों में रानी पद्मावती जैसा जोश, झांसी की रानी जैसा साहस और सीता जैसे संस्कार होंगे तो लव जिहाद आपको डिगा नहीं सकता।
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उन्होंने कहा कि अपने आप को सशक्त और संस्कारवान बनाने का जिम्मा परिवार को उठाना होगा। संस्कार ही भारतीय नारी की पहचान है। मुख्य वक्ता अनिला सिंह ने कहा कि भारतीय नारी प्राचीन काल से ही जिस तरह 16 शृंगार करती है, उसी तरह 16 संस्कारों में भी विश्वास रखती है। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का प्रयास करना जरूरी है। मातृशक्ति किसी भी रूप में (मां, बहन, बेटी, पत्नी आदि) हो सकती है, लेकिन हर रूप में वह सम्मान की अधिकारी होती है।
विभाग संयोजिका चंद्रप्रभा ने पर्यावरण में महिलाओं की सहभागिता की जानकारी दी। डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. शशि बाला राठी, दीपमाला शर्मा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में ब्रज प्रांत के 32 जिलों के महिलाएं शामिल हुईं। राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत संचालिका सुषमा अग्रवाल, गरिमा कश्यप, सेवा भारती प्रांत संयोजिका रश्मि अग्रवाल, नीलम जेठा, मंगलेश सक्सेना, जिला संयोजिका अजीता सिंह, रंजना सोलंकी, डॉ. नीलम गुप्ता, दीपिका मिश्रा मौजूद रहीं।