अगस्त के पहले सप्ताह तक ये ट्रेनें निरस्त
15011/12 लखनऊ-चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस, 14235/36 बरेली-बनारस एक्सप्रेस, 15075/76 त्रिवेणी एक्सप्रेस, 15127/28 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को पांच और 22453/54 राज्यरानी एक्सप्रेस, 15073/74 त्रिवेणी एक्सप्रेस को छह अगस्त तक निरस्त कर दिया गया है।
इसके अलावा 15119/20 जनता एक्सप्रेस, 14241/42 नौचंदी एक्सप्रेस, 12491/92 श्रमजीवी एक्सप्रेस, 15211/12 जननायक एक्सप्रेस, 15623/24 भगत की कोठी-कामख्या एक्सप्रेस, 15531/32 सहरसा-अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस, 15655/56 कामख्या-वैष्णो देवी एक्सप्रेस, 22423/24 गोरखपुर-अमृतसर एक्सप्रेस, 12407/08 कर्मभूमि एक्सप्रेस, 15909/10 अवध असम एक्सप्रेस, 15904/03, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, 14617/18 जनसेवा एक्सप्रेस, 22551/52 अंत्योदय एक्सप्रेस, 4603/04 गरीबरथ एक्सप्रेस, 15043/44 लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस को पहले ही पांच, छह और सात अगस्त तक निरस्त किया जा चुका है।
रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए
व्यापारी अमान हुसैन ने बताया कि बरेली से दिल्ली और बरेली से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों में भीड़ के कारण स्थिति पहले ही खराब है। अब 42 ट्रेनों को निरस्त और 12 को डयवर्ट किए जाने के बाद हालात और खराब होंगे। रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
ट्रांसपोर्टर शोभित सक्सेना ने बताया कि बड़ी संख्या में ट्रेनों को निरस्त किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान कई रूटों पर सड़क परिवहन भी डायवर्ट है। बरेली-लखनऊ रेल रूट पर ब्लॉक है, लेकिन रेलवे बरेली-दिल्ली रूट पर अतिरिक्त ट्रेन चलाकर समस्या को कुछ कम कर सकता है।
व्यापारी पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि इन दिनों समस्या बढ़ी हुई है। दिल्ली-लखनऊ रूट पर सामान्य दिनों में भी समस्या रहती है। कांवड़ के दिनों में सड़क मार्ग डायवर्ट कर दिया गया है। रेलवे को यह पहले से समझाना था। इन दिनों ट्रेनों के निरस्तीकरण ने दैनिक यात्रियों को ज्यादा परेशान किया है।
व्यापारी नेता अनुज पांडेय ने कहा कि रोजा में ब्लॉक के कारण 54 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। 42 ट्रेनों को निरस्त और 12 को डायवर्ट किया गया है। दो महीने पहले टिकट कराया था। टिकट कन्फर्म भी हो गया था। अब मालूम पड़ा है कि जिस तारीख में यात्रा करनी थी उस तारीख में ट्रेन निरस्त है।