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हवाला को लेकर एजेंसियों की रडार पर धंतियां के कई और लोग

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धंतिया के ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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रातोंरात करोड़पति बने कुछ मजदूरों की कुंडली खंगाल रहीं खुफिया एजेंसियां
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पिछले साल एटीएस की कार्रवाई के बाद से पुलिस भी थी चौकस

बरेली। करीब पांच हजार की आबादी वाला धंतिया गांव हवाला के धंधे को लेकर सुर्खियों में है। पुलिस गांव के 14 लोगों को हवाला प्रकरण में जेल भेज चुकी है। कई और लोग पुलिस व खुफिया एजेंसियों की रडार पर हैं। खुफिया एजेंसियां उन लोगों की कुंडली खंगालने में जुटी हैं जो कुछ वर्ष पहले तक गांव में ही मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पालते थे लेकिन अब करोड़पति बन चुके हैं। ऐसे कई लोगों की सपंत्तियां दिल्ली - एनसीआर से लेकर दूसरे कई शहरों में भी होने की जानकारी एजेंसियों को मिली है। पुलिस और एजेंसियां इनके बैंक खातों व संपत्ति का ब्यौरा जुटाकर उसे स्टडी करने में जुटी है। ताकि इनकी आय के स्रोतों को खंगालकर हवाला सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके। एक साल पहले एटीएस के हत्थे चढ़े परतापुर चौधरी के हवाला धंधेबाजों और फतेहगंज पश्चिमी के स्मैक तस्करों से भी इनके रिश्तों को टटोला जा रहा है।
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इंटेलिजेंस के इनपुट पर एसपी ने मंगलवार देर रात कई थानों की पुलिस और पीएसी को लेकर फतेहगंज पश्चिमी के गांव धंतिया में दबिश दी थी। धंतिया काफी समय से हवाला के लिए बदनाम है। पिछले साल लखीमपुर पुलिस और एटीएस ने इज्जतनगर के परतापुर से हवाला में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी की थी। तब भी धंतिया गांव का नाम चर्चा में आया था। हवाला कारोबार के आरोप में जेल गया परतापुर का सदाकत जमशेद का पुराना साथी है। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि सदाकत ने ही जमशेद को इस काम में लगाया था। पुलिस का कहना है कि धंतिया का जमशेद खां, वारिस खां, राशिद उर्फ नन्ना और सद्दाम आदि लोग हवाला कारोबार में बड़े नाम हैं। इन लोगों का आए दिन दिल्ली आना जाना भी रहता है लेकिन लॉकडाउन के कारण इस समय सभी लोग गांव में मौजूद थे। छोटे से गांव में रहने वाले इन लोगों के पास लक्जरी कारें, महंगे मोबाइल और सुख सुविधाओं की सभी चीजें उपलब्ध थीं। पुलिस का कहना है कि इनकी चकाचौंध देख गांव के दूसरे कई युवा भी इनसे जुड़ते चले गए और इनके लिए गुर्गों की तरह काम करने लगे। कार्रवाई के बाद बुधवार व गुरुवार को पोल खुलने के डर से जमशेद और राशिद के गुर्गों ने गांव में रहने वाले युवाओं के घर जाकर उनसे बात की और पुलिस को कुछ न बताने की हिदायत दी। इसके बाद पुलिस की जांच के घेरे में आए कई लोग गांव से गायब हो गए। गांव में बुधवार को दिल्ली नंबर की सरकारी गाड़ी भी देखी गई है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि बरेली पुलिस की कार्रवाई के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच भी सक्रिय हो गई है। कई दूसरी एजेंसियां भी यहां टोह ले रही हैं।

आसपास के गांवों में भी फैला था नेटवर्क

हवाला मामले में गिरफ्तार लोगों की नेटवर्क धंतिया के साथ ही आसपास के गांवों में भी फैला था। धंतिया में पुलिस कार्रवाई के बाद शक के दायरे में आए इन लोगों में दहशत है। पुलिस का कहना है कि जमशेद और राशिद के गुर्गे केशवपुर, बल्लिया, तिलियापुर, माधोपुर, अगरास, रुकुमपुर, कुरतरा, टिटोली, सोरहा व बंडिया आदि गांवों में भी हैं। यह लोग रबर फैक्टरी में चोरी करने के अलावा हवाला कारोबार से भी जुडे़ हैं। धंतिया में कार्रवाई के बाद इन गांवों में भी हलचल है।

परतापुर में भी पुलिस और खुफिया अमला सक्रिय

इज्जतनगर के परतापुर से पिछले साल सदाकत और उसके कुछ साथियों को हवाला मामले में जेल भेजा गया था। इसके बाद खुफिया अमला काफी दिनों तक परतापुर में सक्रिय रहा था। अब धंतिया से गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया अमला फिर परतापुर में सक्रिय हो गए हैं। बुधवार को सादा कपड़ों में कुछ खुफिया अमले के लोग परतापुर में देखे गए।

लोकल पुलिस से दोस्ती थी, वर्ना पहले होती कार्रवाई

पिछली साल नेपाल से टेरर फंडिंग मामले में लखीमपुर खीरी में रिपोर्ट लिखने के बाद एटीएस ने परतापुर से हवाला कारोबारियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एटीएस सक्रिय हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय पुलिस से एटीएस, ने आगे की कार्रवाई के बारे में इनपुट मांगा था जो नहीं दिया जा सका। इसकी वजह से एटीएस ने कार्रवाई जहां के तहां रोक दी। तब एटीएस के रडार पर धंतिया गांव भी था लेकिन फतेहगंज पुलिस की ठग गैंग से दोस्ती के कारण धंतिया के हवाला कारोबारी बचने में कामयाब रहे। अब एसएसपी ने शहर की पुलिस से कार्रवाई कराई तो यह फंसे हैं। सूत्र बताते हैं कि एक दरोगा, चर्चित सिपाहियों की कॉलडिटेल व पिछली लोकेशन निकाल ली जाए तो धंधेबाजों से उनकी दोस्ती का खुलासा हो जाएगा।

अफसर खां ने खरीदी 28 लाख की जमीन

पुलिस ने नए आरोपी के तौर पर अफसर खां का नाम भी रिपोर्ट में शामिल किया है। सूत्र बताते हैं कि अफसर ने हाल ही में 28 लाख रुपये की जमीन खरीदी है। करीब 14 लाख रुपया उसके खाते में जमा है। इन वजहों से वह पुलिस की नजर में चढ़ गया।

जमशेद के घर पकड़ा था डॉन, सेटिंग से छूटा

फतेहगंज पश्चिमी में पिछली साल सपा नेता डॉ. असलम खां की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में वहीं के तस्कर डॉन का नाम प्रकाश में आया था। सूत्र बताते हैं कि हत्या से एक सप्ताह पहले पुलिस ने जमशेद के घर से डॉन को पकड़ लिया था पर सेटिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया।

दबिश के दौरान उठाए गए दो लोगों का आरोपियों से वास्ता नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ा गया है जबकि आरोपियों से पूछताछ व साक्ष्य के आधार पर चार नाम रिपोर्ट में बढ़ाए गए हैं। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है। संबंधित बैंकों को नोटिस जारी कर खाते सीज कराने को लिखा है। इन खातों में जमा राशि जब्त कर सरकारी कोष में जमा कराई जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी

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