खरमास के चलते एक माह से रुके मांगलिक और शुभ कार्य अब 14 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। इस दिन सूर्य मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास खत्म हो जाएगा और शादी-ब्याह की शहनाइयां गूंजने लगेंगी। अन्य शुभ कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
राशि परिवर्तन के तहत सूर्य 14 मार्च को मीन राशि में आए थे। एक माह लगातार इसी राशि में विचरण के बाद अब 14 अप्र्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि ग्रहों के राशि परिवर्तन से शुभ और अशुभ समय होता है। इसी के अनुसार जब सूर्य मीन राशि में रहते हैं तो मीनार्क दोष लगता है। तब इस अवधि में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी को खरमास भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि विवाह का पहला विवाह मुहूर्त 18 अप्रैल को पड़ रहा है। इस दिन बड़ा सहालग है।
16 मई से 13 जून तक रहेगी रोक
16 मई से 13 जून तक फिर से मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इस समय से ज्येष्ठ अधिमास शुरू हो जाएगा। इसकी अवधि 13 जून तक रहेगी। इस दौरान भी विवाह आदि मांगलिक काम वर्जित माने जाते हैं। इसके बाद 14 जून से विवाह और अन्य कार्य शुरू होंगे, जो 16 जुलाई तक जारी रहेंगे।
एक माह की अवधि में 18 विवाह मुहूर्त
14 अप्रैल से शुरू हो रहे शुभ दिनों में 15 मई तक कुल 18 शुभ लग्न हैं। इसमें अप्रैल और मई में विवाह के नौ-नौ शुभ मुहूर्त हैं। इसमें 18 अप्रैल का सबसे बड़ा लग्न है। इस दिन अक्षय तृतीया है। यह स्वयं सिद्धिकारक लग्न है। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर कार्य सफल और कल्याणकारी होता है।