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केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का महाराष्ट्र के वनमंत्री पर हमला, बोलीं- अपराधी से करवाई बाघिन की हत्या

Sun, 04 Nov 2018 10:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत
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मेनका गांधी - फोटो : अमर उजाला
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वन्यजीव प्रेमी एवं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने महाराष्ट्र में आदमखोर घोषित हो चुकी बाघिन की हत्या को लेकर वहां के वनमंत्री पर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वनमंत्री ने बार-बार मना करने के बावजूद एक अपराधी से नरभक्षी बाघिन को मरवा डाला जबकि उसके दो शावक हैं। कहा कि वह इस घटना से काफी दुखी हैं और इस मामले में महाराष्ट्र के सीएम को भी सख्त पत्र लिखेंगी। 
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चार दिवसीय जिला भ्रमण पर पीलीभीत पहुंची केंद्रीय मंत्री ने अपने दौरे के तीसरे दिन नकटादाना स्थित एक बारात घर में पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने से पहले महाराष्ट्र के विदर्भ में कम से कम 13 लोगों की मौत की जिम्मेदार बताई गई बाघिन अवनी के मारे जाने के मामले में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में महाराष्ट्र के वनमंत्री पर हमला बोला। 

उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार वहां के वनमंत्री से कहा था कि बाघिन को न मारें। बाघिन अपने दो शावकों को भी पाल रही है। इसके बाद भी उन्होंने न सिर्फ बाघिन को ऐसे व्यक्ति से बुलवा कर मरवाया जिस पर आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का आरोप है और वह वन अपराधी है। उस पर हत्या का मुकदमा भी चल रहा है। 
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उस व्यक्ति ने इस घटना को अपने बेटे के साथ अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि अब सवाल यह उठता है कि एक मंत्री का ऐसे व्यक्ति से क्या लेना देना है जो अपराधी हो। 
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मेनका ने कहा कि ऐसा तब किया गया जब पूरा वन महकमा मंत्री से ऐसा न करने के लिए बार-बार कह रहा था। जिस व्यक्ति से महाराष्ट्र के मंत्री ने बाघिन को मरवाया वह इससे पहले भी कई वन्यजीवों की हत्या कर चुका है। ऐसे क्रिमनल को बुलाकर वन्यजीवों की हत्या करवाना बेहद शर्म की बात है। 

हर दूसरे-तीसरे महीने मंत्री उस व्यक्ति को बुलाते हैं और कहते हैं कि ऐश करो। जितने चाहे उतने जानवर मार लो। इससे हम लोग पूरे देश में बदनाम हो रहे हैं। मेनका ने कहा कि वह इस घटना से खासी आहत व दुखी हैं। 

जल्द ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को वह सख्त पत्र लिखेंगी कि ऐसे अगर मंत्री करेंगे तो हम दूसरों को क्या कहेंगे। जब हम क्रिमनल को इस्तेमाल करेंगे। हमारे पास एक्सपर्ट हैं। समस्या से निपटने की पूरी व्यवस्था भी, लेकिन जब हम उसका इस्तेमाल न कर अपराधियों का इस्तेमाल करेंगे तो इसका क्या फायदा।
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