विजय ब्लड बैंक से बाहर निकला तो कल्याण ने उसे रोक लिया और चार हजार रुपये लेकर रक्तदान के लिए एक व्यक्ति को उसके साथ ब्लक बैंक में भेज दिया। मामला संदिग्ध होने पर ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि ब्लड बैंक के बाहर खडे़ होकर कल्याण यादव मजदूरों के खून का सौदा करता है।
रक्तदान करने वाले को देता था इतने रुपये
कल्याण लेबर चौक से मजदूरों को रुपयों का लालच देकर लाता था। उनको खून निकलवाने के बदले एक से दो हजार रुपये देता था। मरीज के तीमारदारों से मोटी रकम ऐंठकर अपना कमीशन रख लेता था। कल्याण की जेब से पुलिस को रक्तदाता अभिलेख बरामद हुए हैं। पुलिस ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर थाना भमोरा क्षेत्र के गांव रुद्रपुर निवासी कल्याण यादव को जेल भेज दिया है।
दिल्ली में एजेंट को देख सीखा था तरीका
कल्याण यादव ने दिल्ली में खून का सौदा करने वाले एजेंटों को देखकर काम सीखा था। दिल्ली ने उसने अपना खून भी बेचा था। फिर बरेली आकर खून की सौदेबाजी करने लगा। ब्लड बैंक के बाहर खडे़ होकर खुद भी कई बार अपना खून बेचा। कल्याण मजदूरी पेशा व नशा करने वाले लोगों को मरीज का रिश्तेदार बताकर डोनर के रूप में भेजता था। मरीज के तीमारदार से रुपये ले लेता था। कल्याण के साथियों की भी पुलिस तलाश कर रही है जो ब्लड बैंक के बाहर खडे़ होकर खून की सौदेबाजी करते हैं।