ऑक्सीजन की कमी, सांस में भरी कार्बन मोनो ऑक्साइड
इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विनोद के मुताबिक अलाव जलाकर सोने से कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। सांसों में कार्बन मोनो ऑक्साइड भरने से युवक बेसुध हो गया था। हालांकि, कमरे से बाहर निकलने के बाद और इलाज से कुछ सुधार होने पर युवक के शरीर में हलचल शुरू हुई। ईएमओ डॉ. वैभव शुक्ला के मुताबिक युवक की हालत गंभीर थी। तत्काल इलाज न मिलता तो जान का खतरा था। कहा कि अगर अलाव जलाएं हैं तो सोने से पहले उसे बुझा दें। बच्चों को अलाव से दूर रखें। खिड़की खुली रखें ताकि धुआं न भरे।