ताहिर का आरोप है कि डेढ़ माह बाद पुलिस ने सियासी दबाव में वाहनों को उनके घर से उठवाकर शहबाजनगर चौकी पर खड़ा करा दिया। वाहनों को छुड़वाने के लिए उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी। इस बीच चौकी से वाहन गायब करा दिए गए। लगातार चक्कर काटने के बाद भी पुलिस सुनवाई नहीं कर रही थी। इससे आहत ताहिर मंगलवार को दोपहर 11:58 बजे पत्नी महनाज और तीन बच्चों के साथ एसपी दफ्तर पहुंचे और आत्मघाती कदम उठा लिया।
शर्मनाक... वीडियो बनाने व उकसाने में जुटे रहे लोग
आग की लपटों से घिरे ताहिर को बचाने के बजाय मौके पर मौजूद कुछ लोग उन्हें एसपी दफ्तर के भीतर दाखिल होने के लिए उकसाते और वीडियो बनाते नजर आए। वहीं, ताहिर के बच्चे बोतल से पानी डालकर आग बुझाने के प्रयास में जुटे रहे। घटना के वायरल वीडियो से इसकी पुष्टि के बाद पुलिस ने तीन लोगों की पहचान की है। एसपी के अनुसार इन पर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि ताहिर और उमेश के बीच दो वाहनों को लेकर विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मामले की जांच एसपी सिटी संजय कुमार को सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'शाहजहांपुर पिकअप चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज न करने से आहत जिस युवक ने एसपी ऑफिस के सामने पहुंच कर आग लगाई है, उसको तत्काल सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा दी जाए। इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुक़दमा दर्ज कर सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए। यह भी लिखा, अगर सच में हर अपराध की रिपोर्ट लिखाई जाए तो पता नहीं उप्र में तथाकथित अमृतकाल ही शर्म से आत्मदाह न कर ले।