भमोरा क्षेत्र के ग्रामीण ने वर्ष 2015 में मुकदमा दर्ज कराया कि 28 मार्च को उसकी 15 वर्षीय पुत्री खेत पर गई थी। वादी के भाई, भाई की बीबी और दामाद की मदद से नवाबगंज के फर्रुखाबाद गांव का अंकित उसे ले गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर डेढ़ महीने बाद किशोरी को तलाश लिया। पुलिस ने सिर्फ अंकित दीक्षित को आरोपी बनाते हुए 16 मार्च 2016 को आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में पीड़िता ने बताया कि जिस दिन वह घर से गई थी, उस समय उसकी उम्र 18 साल थी। वह स्वेच्छा से अंकित के साथ गई थी। यहां से जाने के बाद उसने अंकित से कोर्ट मैरिज कर ली। दोनों राजी खुशी रह रहे हैं।
विशेष लोक अभियोजक सरनाम सिंह ने कहा कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। इसके बाद भी वैवाहिक संबंध स्थापित कर आरोपी ने दुष्कर्म जैसा गंभीर अपराध कारित किया है। अदालत ने पाया कि घटना के दौरान पीड़िता नाबालिग थी। उसको बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में अंकित को दोषी पाते हुए सात साल की सजा से दंडित किया है।