बरेली में लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी ने बीमा कराया। 21 दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी ने क्लेम मांगा तो कंपनी ने पहली किस्त लौटा दी, लेकिन क्लेम नहीं दिया था। इस पर पत्नी ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने बीमा कंपनी को दावे का भुगतान करने का आदेश दिया है।
बरेली में जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम ने बीमा कंपनी को क्लेम का भुगतान करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता फरीदन के अधिवक्ता ने आयोग को बताया कि लोक निर्माण विभाग में कार्यरत शमशाद अली ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से आठ अप्रैल 2021 को चार लाख रुपये का बीमा कराया था।
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पॉलिसी लेने के 21 दिन बाद शमशाद अली की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी फरीदन ने बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। कंपनी की ओर से क्लेम के बजाय पहली किस्त की धनराशि 40 हजार रुपये लौटा दी गई। कंपनी ने शमशाद की मृत्यु बीमारी से होना बताया, जबकि उनकी स्वाभाविक मृत्यु हुई थी।
आयोग के अध्यक्ष राधेश्याम यादव और सदस्य मुक्ता गुप्ता ने सुनवाई के दौरान शिकायत को सही पाया। कंपनी को दो माह के भीतर 40 हजार रुपये की कटौती कर क्लेम की पूरी धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही वाद का खर्च 10 हजार रुपये भी अदा करने के लिए आदेशित किया है। दो माह में भुगतान न करने पर छह प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।