प्रतिमा ने बताया कि लीसा, लीसा के दोस्त मुकुल और आयुष ने उनके बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। सुनवाई न होने पर मंगलवार को प्रतिमा सिंह ने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मां बोलीं- किसी और के साथ न हो घटना
प्रतिमा सिंह ने बताया कि उनके पति आयुर्वेदिक अस्पताल में कर्मचारी थे। उनकी मौत के बाद उन्हें नौकरी मिल गई। दीपांश उनका इकलौता बेटा था। उससे छोटी एक बेटी है। दोनों बच्चों को वह शहर में किराये पर रहकर पढ़ा रही थीं। बेटे ने बीए और कंप्यूटर का डिप्लोमा कर रखा था। वह नौकरी का प्रयास कर रहा था।
इसी दौरान गिरोह के चक्कर में आ गया। बताया कि इन लोगों ने दीपांश को पबजी और बीडीजी गेम की लत लगा दी। उसी में फंसकर उसकी जिंदगी तबाह हो गई। उनके बेटे की जान चली गई और उनके परिवार की बचत भी गिरोह ने झपट ली। वह चाहती हैं कि किसी और परिवार के बच्चे ऐसे गिरोह या गेम के चक्कर में जान न गंवाए।