बरेली। शीशगढ़ के जाफरपुर गांव निवासी महजबीन ने पड़ोस के गांव बल्ली निवासी विशाल से शादी कर ली। इससे पहले अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार ने मजहबीन का धर्म परिवर्तन व गंगाजल से शुद्धिकरण कराया। उसका नाम बदलकर लक्ष्मी रखा गया।
लक्ष्मी ने बताया कि दोनों आठवीं कक्षा तक साथ पढ़े हैं। तभी से एक-दूसरे को चाहते थे। इंटर पास करने के बाद बालिग हुए तो धर्म अलग होने की वजह से शादी के लिए परिवार वाले तैयार नहीं थे। तब दोनों आश्रम आ गए। लक्ष्मी ने बताया कि वह सनातन धर्म में आस्था रखती है। यहां तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं का डर नहीं है। हिंदू धर्म में बुर्का भी नहीं पहनना पड़ता और महिलाओं को अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है।
विशाल के साथ वह पहले भी मंदिर जाती रही है। इससे पहले महजबीन ने डीएम कार्यालय में शपथपत्र देकर बताया कि वह बिना किसी दबाव के इस्लाम धर्म त्यागकर हिंदू धर्म अपना रही है।