विश्वविद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम को संबोधित करते कुलपति।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में महात्मा फुले की पुण्यतिथि पर हुए कई कार्यक्रम
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के समक्ष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. केपी सिंह ने की। कुलपति ने महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन संघर्ष, महिला शिक्षा को बढ़ावा देेने में उनके योगदान और सामाजिक विषमता के बीच मुश्किलों से जूझ कर आगे बढ़ने और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनने पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कुलपति ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम के साथ फुले शब्द उनके परिवार के फूल बेचने का काम करने के कारण जुड़ा। अभावग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संभवत: भारत में लड़कियों के लिए पहला स्कूल आरंभ किया। इसमें पढ़ाने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी को शिक्षित किया। उन्होंने समाज को दिशा देने के लिए सत्य शोधक समाज की स्थापना की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारियों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भागीदारी की। कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय और परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने ज्योतिबा फुले के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार ने किया।