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Bareilly News: महात्मा गांधी के आगमन से स्वतंत्रता संग्राम को मिली थी नई दिशा

Sat, 15 Aug 2026 12:03 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस स्वतंत्रता की प्राप्ति में बरेली के लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महात्मा गांधी के आगमन ने जिले में सविनय अवज्ञा और असहयोग जैसे आंदोलनों को नई ऊर्जा दी।
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वरिष्ठ इतिहासकार नवीन गुप्त के अनुसार, गांधीजी असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बरेली आए थे। उन्होंने कुतुबखाने पर एक आम सभा को संबोधित किया। इस सभा में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर विशेष जोर दिया। बरेली के बुद्धिजीवी, साहित्यकार और वकील इस सभा में शामिल हुए थे। गांधी के प्रेरणादायक भाषण ने सत्याग्रहियों में नया जोश भर दिया। चौकी चौराहा पार्क, कंपनी गार्डन और कुतुबखाना पार्क जैसे स्थान आज भी स्वतंत्रता संग्राम के स्मारक के रूप में स्थापित हैं। वर्ष 1934 में गांधीजी ने मोती पार्क में भी एक आम सभा की थी। उनके विचारों से प्रभावित होकर छैल बिहारी कपूर ने हिंदी और प्रसार समिति का गठन किया। यह समिति 1952 तक सक्रिय रही। बाद में 1998 में इसे फिर से सक्रिय किया गया।


स्थानीय नेताओं की सक्रिय भागीदारी

गांधीजी की सभाओं में कई स्थानीय नेताओं ने भाग लिया। इनमें सेठ दामोदर स्वरूप, प्रताप चंद्र आजाद, निरंकार देव सेवक, जियाराम सक्सेना, टिकैत राय वर्मा, मौलवी जहीरुद्दीन और ठाकुर मोती सिंह जैसे वकील शामिल थे। इनके साथ पंडित दरबारी लाल शर्मा, सरदार संत सिंह, मोहन लाल यदुवंशी, वंशीधर पाठक, बृजमोहन लाल शास्त्री, नौरंग लाल, राममूर्ति, धर्म दत्त वैद्य, ठाकुर पृथ्वी राज सिंह, बाबूराम सहाय और चिरंजीव लाल क्रांतिकारी जैसे बुद्धिजीवी भी मौजूद थे। इन सभी ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने गांधीजी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।
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पंडित नेहरू और अन्य नेताओं को बरेली जेल में रखा गया

वर्ष 1936 में आचार्य नरेंद्र देव की अध्यक्षता में कांग्रेस का एक सम्मेलन बरेली में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में जवाहरलाल नेहरू, एमएनराय, पुरुषोत्तम दास टंडन और रफी अहमद किदवई जैसे प्रमुख राष्ट्रीय नेता शामिल हुए। बरेली ने स्वतंत्रता संग्राम की आगे की रणनीति में सक्रिय सहभागिता निभाई। बाद में पंडित नेहरू और अन्य नेताओं को बंदी बनाया गया। उन्हें बरेली की केंद्रीय जेल में रखा गया था।
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