पूजन मुहूर्त
रात्रि प्रथम प्रहर : शाम 6:29 से रात 9:34 बजे तक।
रात्रि दूसरा प्रहर : रात 9:34 से 12:39 बजे तक।
रात्रि तीसरा प्रहर : रात 12:39 से तड़के 3:45 बजे तक।
रात्रि चौथा प्रहर : तड़के 3:45 से सुबह 6:50 बजे तक।
पूजा विधि
पंडित विनीत शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन स्नानादि के बाद श्वेत वस्त्र धारण करें। भगवान सूर्य को जल अर्पित करें। जल, दूध और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें। शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र और बेर आदि चीजें अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और आरती करें। शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव को विशेष चीजों का भोग लगाएं और प्रसाद वितरित करें। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
महाशिवरात्रि के लिए सज रहे शिवालय
शहर के त्रिवटीनाथ मंदिर, वनखंडी नाथ मंदिर, अलखनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर, मणीनाथ मंदिर, धोपेश्वर नाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही यहां भक्तों का तांता लगना शुरु हो जाएगा। इसे लेकर मंदिर कमेटी के लोगों ने तैयारियां तेज कर दी है। त्रिवटीनाथ मंदिर को रंग बिरंगी फूलों व लाइट से सजाया गया है।
भक्तों के लिए मंदिर के अलावा बाहर भी दो पार्किंग बनाई गई है। मंदिर के शिवालय को भी सजाया गया है। वहीं तपेश्वरनाथ मंदिर में भी तैयारियां हो चुकी हैं। चौराहों को रंग-बिरंगे रोशनी झालर, फूल से सजाया गया हैं। मंदिर में सुबह तीन बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।