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चंद निवाले खाकर माफिया अशरफ ने छोड़ दी थाली

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माफिया अशरफ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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रास नहीं आया जिला जेल का खाना, रात भी काटी भारी बेचैनी में
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रोक लागू होने की वजह से कोई नहीं आया मिलने

बरेली। नैनी जेल से लाए गए माफिया अशरफ की रात यहां जिला जेल में काफी बेचैनी में गुजरी। जेल प्रशासन के मुताबिक उसे रविवार को जेल में बनी दाल-रोटी दी गई जो उसने चंद निवाले खाकर छोड़ दी। पूरे दिन उससे मिलने के लिए भी किसी ने प्रयास नहीं किया।
माफिया अतीक अहमद के भाई एक लाख के ईनामी पूर्व विधायक अशरफ को शनिवार शाम नैनी जेल से बरेली जिला जेल शिफ्ट किया गया था। विकास दुबे के बाद प्रदेश सरकार माफिया और बदमाशों को जेल भेजने और जेलों में उनका नेटवर्क खत्म करने का अभियान छेड़ चुकी है। इसी सिलसिले में नैनी जेल से अशरफ का ट्रांसफर किया गया है। चूंकि प्रयागराज अतीक अहमद के प्रभाव वाला क्षेत्र और नैनी जेल में अतीक एंड कंपनी का सिक्का चलता है, इसलिए अतीक को पहले ही गुजरात की अहमदाबाद जेल शिफ्ट किया जा चुका है।
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अशरफ को शनिवार सुबह अचानक ही बरेली जेल शिफ्ट करने का आदेश मिला था। शनिवार शाम साढ़े चार बजे उसे बरेली जिला जेल लाया गया। रास्ते भर वह दहशत में रहा और चेहरे पर हवाइयां उड़ी रहीं। उसे एकांत में सघन सुरक्षा वाली स्पेशल सेल में रखा गया है। जेल सूत्रों के मुताबिक उसकी पहली रात बेचैनी भरी गुजरी। जेल प्रशासन ने जो दाल रोटी व सब्जी मुहैया कराई वह भी उसने सही से नहीं खाई। सुबह जरूर उसने फ्रेश होकर टाइम पर नाश्ता लिया।
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लॉकडाउन के कारण किसी भी बंदी के परिचित जेल आकर उनसे नहीं मिल पा रहे हैं। जेल प्रशासन सप्ताह में एक बार इधर से कॉल कराकर उनकी परिजन या वकील से बात जरूर करा देता है। जेल प्रशासन के मुताबिक यही नियम अशरफ पर लागू होगा।
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