बरेली। अक्सर लोग अभावों का रोना रोकर अपने सपनों का त्याग कर देते हैं, लेकिन सीबीगंज के रहने वाले लकी पाल ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। हाल ही में राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रो इंडिया बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में लकी ने पांचवां स्थान हासिल करके बरेली का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
27 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित इस मेगा चैंपियनशिप में 400 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। लकी ने अपनी बेहतरीन फिजीक और मस्कुलरिटी से जजों को प्रभावित किया। उन्होंने सीनियर मेन फिजिकल वर्ग के कड़े मुकाबले में टॉप-पांच में जगह बनाई और पांचवां स्थान हासिल कर मेडल अपने नाम किया।
पिता चलाते हैं टेंपो
लकी के पिता टेंपो चालक हैं। घर की माली हालत ऐसी नहीं थी कि बॉडी बिल्डिंग जैसा महंगा खेल खेला जा सके। लकी बताते हैं कि जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं या पढ़ाई का दबाव झेलते हैं, उन्होंने अपने सपनों के लिए काम करना और पैसे कमाना शुरू कर दिया था। वह चाहते है कि उनके शौक का बोझ पिता पर न पड़े। इसलिए बचपन से ही मेहनत मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके अपनी डाइट और जिम का खर्च खुद उठाया।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
लकी पाल पहले भी कई मंचों पर लोहा मनवा चुके हैं। सीबीगंज से निकलकर प्रोफेशनल स्टेज तक पहुंचना उनकी अटूट इच्छाशक्ति को दर्शाता है। वह आज उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल हैं जो संसाधनों की कमी को अपनी असफलता का कारण बताते हैं। लकी का लक्ष्य अब राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर देश का प्रतिनिधित्व करना है। संवाद