बरेली। काफी समय से खस्ताहाल पड़े लखनऊ हाईवे के अधूरे कामों को पूरा करने का काम जल्द शुरू होनी की उम्मीद जागी है। एनएचएआई इसके लिए दिल्ली मुख्यालय पर नौ अक्तूबर को 676 करोड़ का टेंडर कराएगा। प्रभारी मंत्री के सामने विधायकों ने यह सवाल उठाया था कि लखनऊ हाईवे टूट रहा है। हादसों में लोगों की मौतें हो रही हैं। इस मामले में डीएम ने एनएचएआई के अधिकारियों से पूछताछ की तो इस हाईवे के बाकी कामों के लिए दिल्ली मुख्यालय पर टेंडर कराने की जानकारी प्रशासन को मिली है।
पिछले साल इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी ने लखनऊ हाईवे का काम अधूरा छोड़ दिया था। इसके बाद से दरकते और टूटते हाईवे की वजह से हादसों में आए दिन लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने हाईवे की मरम्मत के लिए एनएचएआई से करीब 38 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा था, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। उधर, एनएचएआई के अधिकारियों ने इस हाईवे पर बरेली से सीतापुर के बीच अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए भी 676 करोड़ का टेंडर करा रहे हैं। एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय पर नौ अक्तूबर को यह तय हो जाएगा कि इस प्रोजेक्ट का काम अब कौन सी कंपनी कराएगी।
बेहद खतरनाक हो गया है बरेली-लखनऊ हाईवे
बरेली-लखनऊ हाईवे के टूटने और उस पर खतरनाक गड्ढे होने से वहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी के पास कई जगहों पर एक्सीडेंट जोन बन चुका है। विकास भवन में प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की समीक्षा बैठक के दौरान भी विधायकों ने इस पर नाराजगी जताई थी कि इस हाईवे पर कई हादसों के बावजूद इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने हाईवे के अधूरे कामों के जल्द शुरू होने की रिपोर्ट भी प्रशासन को दे दी है।
लखनऊ हाईवे के अधूरे कामों के लिए नौ अक्तूबर को दिल्ली मुख्यालय पर टेंडर होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस हाईवे का प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
-एनपी सिंह, पीडी, एनएचएआई