बैंकाें में फीस जमा नहीं होने और वेबसाइट क्रैश होने से सैकड़ों आवेदकों के पंजीकरण नहीं हो पाए। बुधवार शाम सात बजे तक शराब की दुकानों की लाटरी सिस्टम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाना था। डीएम ने बैंकोें से शाम साढ़े सात बजे तक कार्य करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसकी अनदेखी कर दी गई। आवेदन न होने से हर जिले में फैली अफरातफरी की जानकारी मिलते ही प्रमुख सचिव आबकारी ने ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि तीन मार्च शाम पांच बजे तक कर दी।
वेबसाइट और बैंक सिस्टम के बीच तकनीकी तालमेल नहीं होने से आबकारी दुकानें लेने के इच्छुक लोग परेशान दिखे। आबकारी विभाग भी इस मामले में असहाय जैसी स्थिति में दिखा। बड़ी तादाद में लोग एकत्र होकर डीएम आर. विक्रम सिंह से मिलने पहुंचे तो उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को पत्र लिखकर निर्देशित किया कि बैंकों में बुधवार शाम साढ़े सात बजे तक आवेदकों की फीस जमा कराई जाए, ताकि सभी आवेदक सिस्टम में शामिल हो जाएं। डीएम के पत्र को लेकर लोग बैंकों में चक्कर लगाते रहे, लेकिन वहां कोई सुनने वाला नहीं था। बुधवार शाम पांच बजे आवेदक आदेश पांडे, राजेश गुप्ता आदि करीब तीन सौ फार्म लेकर एसबीआई मेन ब्रांच में फीस जमा कराने पहुंचे तो वहां स्टाफ ही नहीं था। एजीएम आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें डीएम से कोई निर्देश नहीं मिला है। आवेदन प्रोसेसिंग सिस्टम स्लो और वेबसाइट क्रैश होने से अंग्रेजी और देशी शराब, बीयर तथा मॉडल शॉप के आवेदनों में भारी कमी आई है। जिले की 526 दुकानों में से करीब दो सौ के लिए ही ऑनलाइन आवेदन हो पाए। आबकारी उपायुक्त एचएस मिश्रा ने बताया कि सिस्टम नया है, आवेदक इसे समझ नहीं पा रहे हैं।