दिल्ली के निजामुद्दीन में धार्मिक कार्यक्रम के लिए दो हजार लोगों की भीड़ जमा होने और 250 से ज्यादा कोरोना संदिग्ध मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंगलवार शाम बदायूं के डीएम कुमार प्रशांत, सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और सीओ विनय कुमार द्विवेदी ने जिले के दरगाहों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान डीएम को बड़े सरकार की दरगाह में भीड़ मिलने के साथ ही एक क्लीनिक भी खुली मिली। उस क्लीनिक को सील कर लिया गया। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट को निरीक्षण के दौरान सागरताल वाली दरगाह में कई बाहरी लोग मिले।
कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया है। मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर पाबंदी लगा दी गई है। नवरात्र में प्राचीन मंदिरों के कपाट भी बंद हैं। छोटे और बड़े सरकार की दरगाह को पहले ही खाली कराया जा चुका है। यहां भी बाहर के सैकड़ों लोग रह रहे थे।
मंगलवार शाम डीएम कुमार प्रशांत अचानक बड़े सरकार की दरगाह पहुंचे। यहां कादरी क्लीनिक के नाम से एक डॉक्टर दुकान चला रहा था। कई लोगों की भीड़ भी थी। डीएम ने क्लीनिक सील करने के साथ ही डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
इधर, निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को खेड़ा नवादा स्थित सागरताल वाली दरगाह में कुछ लोग मिले। पूछताछ करने पर पता लगा कि इनमें दो लोग बाहरी भी थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने दरगाह को खाली कराने के साथ बाहरी लोगों को उनके घर भेजने की व्यवस्था की।
दरगाह में भीड़ जमा होने या बाहरी लोगों को न ठहराने के निर्देश भी दिए हैं। भीड़ लगने या बाहरी लोगों के जमा होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।