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Bareilly News: वीएलटीडी लगने के बाद भी नहीं मिल रही 350 से ज्यादा रोडवेज बसों की लाइव लोकेशन

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बरेली। परिक्षेत्र के बरेली, बदायूं, रुहेलखंड और पीलीभीत डिपो की 350 से ज्यादा बसों की लाइव लोकेशन नहीं मिल रही। ज्यादातर बसों में लगी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) को निष्क्रिय या फिर डिस्कनेक्ट कर दिया गया है।
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परिक्षेत्र के चार डिपो में 669 से ज्यादा निगम की और 66 से ज्यादा अनुबंधित बसें हैं। अनुबंधित बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी है कि अगर उनकी बस में वीएलटीडी निष्क्रिय या फिर डिस्कनेक्ट है तो भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति बदहाल है।
चारों डिपो की नई बसों में वीएलटीडी होने के बाद भी इनको ट्रैक नहीं किया जा रहा। रोडवेज के कमांड कंट्रोल सिस्टम से चारों डिपो की 200 से ज्यादा बसों के वीएलटीडी का डाटा जुटाने पर पता लगा कि 100 से ज्यादा बसों के बारे में यह भी जानकारी नहीं है कि उनका इंजन स्टार्ट है या फिर बंद। चारों डिपो की 200 से ज्यादा बसों की अंतिम लोकेशन ही नहीं मिली।
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कौन सी बस किस स्थान पर है और कितनी रफ्तार से दौड़ रही है इस संबंध में भी कोई ब्योरा नहीं मिल रहा। ऐसे में बसों के चालक मनमानी करते हैं। अगर कोई बस खराब या फिर दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो उसकी भी सही समय पर सटीक सूचना नहीं मिल पाती।

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100 से ज्यादा बसें शून्य किलोमीटर पर
वीएलटीडी डाटा के अनुसार जो 200 से ज्यादा बसें ऑन रोड हैं और उनकी निगरानी की जा रही है उनमें से भी 100 से ज्यादा बसों को खड़ा या फिर शून्य किलोमीटर पर दिखाया जा रहा है। हालांकि, सभी बसों का अंतिम अपडेट समय दिखाया गया है।


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एकीकृत मोबाइल एप का भी लाभ नहीं
अगस्त 2024 में परिवहन निगम ने एकीकृत मोबाइल एप सुगम का शुभारंभ किया था। इसके पहले तक मार्गदर्शी और यूपी राही एप भी काम करते थे। उस समय दावा किया गया था कि सुगम एप बसों की लाइव ट्रैकिंग, समय सारणी और टिकट बुकिंग में काफी सहायक साबित होगा। वर्तमान में एसी बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग तो हो रही है, लेकिन लाइव लोकेशन नहीं मिल रही।




वर्जन :
ज्यादातर बसों में वीएलटीडी लगा है। परिक्षेत्र मुख्यालय पर कंट्रोल कमांड सेंटर काम कर रहा है। बसों की लाइव लोकेशन को लेकर समस्या किस स्तर पर आ रही है इसे दिखवाकर दूर कराया जाएगा। कुछ पुरानी बसों में वीएलटीडी को लेकर समस्या हो सकती है।- मोहम्मद अजीम, क्षेत्रीय प्रबंधक
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