मुनीर इदरीसी और नदीन खान
- फोटो : पुलिस
खुफिया इकाई कुंडली खंगालने में जुटी खोली जाएगी फाइल
कार्ड खोले जाने के बाद खुफिया इकाई आरोपियों, उसके परिवार और करीबियों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। इसके बाद आरोपियों की फाइल खोली जाएगी। खुफिया इकाई उन लोगों का कार्ड और फाइल खोलती है, जो कम से कम पांच वर्षों से सक्रिय हों और सरकार के फैसलों को लेकर लगातार ऐसे विरोध-प्रदर्शनों का आयोजन करते रहे हों, जिनसे सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने या दंगा होने की आशंका रहती हो।
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ऐसे मामलों में खुफिया इकाई कार्ड खोलते हुए एसएसपी को रिपोर्ट भेजती है। एसएसपी के स्तर से रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाती है। इसके बाद फाइल खोली जाती है। फाइल खुलने के बाद संबंधित व्यक्ति जब तक जीवित रहता है, तब तक पुलिस के साथ-साथ खुफिया इकाई भी उसकी और उसके करीबियों की निगरानी करती है।
कई साल पहले खोली जा चुकी मौलाना की फाइल
बवाल के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा का एलआईयू कार्ड और उसके बाद फाइल कई साल पहले ही खोली जा चुकी है। उसके सबसे करीबी खुद को डॉक्टर बताने वाले नफीस की भी काफी समय से खुफिया निगरानी चल रही है। मौलाना को इस बारे में पता था। ऐसे में वह हिंसा, बवाल से दूसरी बनाए रखता था। उसके निर्देश पर सिपहसालार भीड़ जुटाने, माहौल खराब करने और हिंसा भड़काने की कोशिश करते थे। इस बार ये सिपहसालार भी रडार पर आ गए हैं।