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डीएम के नोटिस का नहीं दिया जवाब निरस्त होंगे शराब माफिया के लाइसेंस

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wine - फोटो : istock
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मनोज जायसवाल के बार और तीन दुकानों के लाइसेंस पर डीएम को लेना है निर्णय
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जवाब देने को सात दिन की मिली थी अतिरिक्त मोहलत, अब बचे हैं सिर्फ चार दिन
बरेली। शराब माफिया मनोज जायसवाल और उसके परिवार वालों ने डीएम शिवाकांत द्विवेदी के नोटिस का अब तक जवाब नहीं दिया है। नोटिस के बाद उन्हें सात दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था। इसमें भी तीन दिन बीत चुके हैं। आगामी चार दिन में अगर संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उसके बार और शराब की तीन दुकानों के लाइसेंस निरस्त होने तय हैं। वहीं, उसका भाई नीरज जायसवाल अब तक फरार है।
अनेजा ग्रुप की सहारनपुर स्थित टपरी डिस्टलरी में एसटीएफ ने पिछले साल मार्च में छापा मारकर सौ करोड़ रुपये की एक्साइज चोरी का मामला पकड़ा था। वहां से एक ही बिल-बाउचर पर शराब के दो-दो ट्रक निकालकर कानपुर, उन्नाव, बदायूं और बरेली समेत कई जिलों में शराब की सप्लाई की जा रही थी। शुरुआती जांच में आबकारी अफसरों के अलावा कंपनी मालिक प्रणय अनेजा और उन्नाव के शराब गोदाम के मालिक अजय जायसवाल को मुख्य आरोपी माना गया। इसी बीच टपरी डिस्टलरी से निकली एक ट्रक शराब बरेली पहुंची तो यहां के शराब कारोबारी मनोज जायसवाल का नाम भी सामने आया। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि मनोज और अजय ही अवैध शराब खपाने का पूरा धंधा संचालित कर रहे थे। इस मामले में मनोज जायसवाल की गिरफ्तारी के साथ ही अफसरों से उनके गठजोड़ का खुलासा भी हो गया।
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मनोज के शराब सिंडिकेट की चल रही हैं 58 दुकानें
जांच के दौरान ही सामने आया कि मनोज जायसवाल ने आबकारी विभाग में सांठगांठ कर शराब की 58 दुकानें अपने करीबियों को आवंटित कराई हैं। इनमें डाउन टाउन बार का लाइसेंस मनोज के नाम पर, ईंट पजाया की दुकान उसकी पत्नी कनुप्रिया, नवादा शेखान में उसके भाई नीरज जायसवाल और किला में दूसरे भाई विकास जायसवाल के नाम पर संचालित हो रही हैं। इसके अलावा एक दुकान अमरोहा में तैनात सीओ विजय राणा की पत्नी मधु राणा के नाम पर भी संचालित हो रही है।
एक मर्तबा निलंबित हो चुकी हैं दुकानें
मनोज के डाउन टाउन बार के अलावा पत्नी और भाइयों के नाम संचालित शराब दुकानों की सील करके उनके लाइसेंस एक बार निलंबित किए जा चुके हैं। मगर तत्कालीन डीएम मानवेंद्र सिंह ने आबकारी विभाग की रिपोर्ट पर राजस्व हानि का हवाला देकर इन्हें बहाल कर दिया था। साथ ही उसके बार और दुकानों की सील भी खोल दी गई। मामला मीडिया में सुर्खियां बना तो डाउन टाउन बार को दोबारा सील कर दिया और फिर बीडीए ने उस पर बुलडोजर चला दिया। वहीं, लाइसेंस बहाली के डीएम के आदेश के विरुद्ध आबकारी अधिकारी अपील में चले गए। वहां से डीएम को उनके लाइसेंस पर एक बार फिर निर्णय लेने का आदेश दिया गया। पिछले दिनों डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने इन दुकानों के लाइसेंस पर निर्णय लेने के लिए मनोज जायसवाल, उसकी पत्नी कनुप्रिया, भाई नीरज और विकास को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा था। मगर आरोपियों ने जवाब देने के बजाय सात दिन का अतिरिक्त समय ले लिया। इसमें भी तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक डीएम को जवाब नहीं दिया गया है। अफसरों का कहना है कि अगर चार दिनों में जवाब नहीं दिया तो उनके लाइसेंस निलंबित होना तय हैं।
नीरज की तलाश में कई जगह दबिश दे चुकी एसटीएफ
टपरी डिस्टलरी प्रकरण की जांच अब एसआईटी कर रही है। इसमें मनोज जायसवाल के पार्टनर अजय जायसवाल के बयान के आधार पर मनोज के भाई नीरज जायसवाल को भी आरोपी बनाया गया है। उसकी तलाश में एसटीएफ कई जगह दबिश भी दे चुकी है। दो बार बरेली भी आई है लेकिन वह अभी तक हाथ नहीं आया है।
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मनोज जायसवाल समेत उसके परिवार के चार लाइसेंस को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। 15 दिन के बाद उन्होंने सात दिन का अतिरिक्त समय मांगा था। उसमें भी तीन दिन बीत चुके हैं। चार दिन में जवाब न आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शिवाकांत द्विवेदी, डीएम
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