बरेली। मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत आने वाले कुछ दिनों में दूर होने के आसार हैं। ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए एक और कंपनी को लाइसेंस मिल गया है जो इसी महीने के अंत तक उत्पादन शुरू कर देगी। यह भी तय हुआ है कि यह प्लांट कोविड अस्पताल को सप्लाई करेगा। प्लांट लगाने जा रहे कारोबारी ने यह वादा भी किया है कि ऑक्सीजन की सप्लाई और कीमतों को लेकर कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
बरेली मंडल में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए एफएसडीए ने प्राण वायु एग्री बिजनेस को लाइसेंस जारी किया है। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर फरीदपुर के पास यह इकाई तैयार हो गई है। काशीपुर (उत्तराखंड) स्थित आईजीएल से नई इकाई का लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति का अनुबंध हो गया है। मुरादाबाद की फर्म कलिंगा से टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि कच्चा माल लाने में कोई समस्या न आए। यह सब शासन की पहल पर हुई वेबिनॉर में तय हो गया है।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने वेबिनॉर में मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादकों, वितरकों आदि से सीधा संवाद कर विवादित बिंदुओं पर सहमति बनवाई। बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में मेडिकल ऑक्सीजन के रेट एकाएक दुगने कर दिए गए थे। हालांकि बाद में यह विवाद निपट गया था। व्यापारियों ने खुद ही निर्धारित सरकारी दरों से कम पर सप्लाई देने का ऑफर दे दिया था। नई इकाई 30 सितंबर तक ऑक्सीजन बाजार में उपलब्ध करा देगी। बरेली में अब मेडिकल ऑक्सीजन का निर्माण करने वाली तीन इकाई हो गई हैं।
कार्रवाई होने के बाद पटरी पर आई
ऑक्सीजन की सप्लाई की व्यवस्था
ऑक्सीजन सप्लाई और कीमतों पर बरेली मंडल में चल रहे घमासान पर विराम लग गया है। एफएसडीए के सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार कई दिनों से इस पर कवायद कर रहे थे। शनिवार दोपहर सीडीओ सीएम गर्ग ने संयुक्त बैठक बुलाकर 300 बेड के कोविड अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई और कीमत का मामला भी हल करा दिया। बता दें कि अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई से इनकार करने पर अशोका गैस पर ईसी एक्ट 3/7 के तहत कार्रवाई की गई थी। इसकी वजह से कोविड अस्पताल का उद्घाटन भी टल गया था और प्रशासन की किरकिरी हुई थी। बैठक में संयुक्त आयुक्त आरआर गोयल, औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा आदि मौजूद रहीं।