सीओ की अगुवाई में पहुंची पुलिस टीम में शामिल थे 40 दरोगा और 30 महिला सिपाही
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पंखिया गिरोह के कई बदमाश और दर्जन भर हिस्ट्रीशीटर रहते हैं अंगूरी टांडा गांव में
बरेली। बिकरू कांड ने पुलिस को बड़ा सबक दिया। इसकी एक बानगी रविवार दोपहर तब दिखाई दी जब कुछ हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार करने के लिए सीओ की अगुवाई में सवा सौ पुलिस वालों की फौज पंखिया बहुल गांव अंगूरी टांडा में पहुंची। हालांकि पुलिस को सिर्फ दो हिस्ट्रीशीटरों को ही गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। पुलिस के मुताबिक जिले में लगातार चोरी-छिनैती और लूट जैसी वारदातें होने के बाद यह अभियान चलाया गया।
सुभाषनगर का गांव अंगूरी टांडा पंखिया गिरोह के बदमाशों का ठिकाना होने के कारण दूर-दूर तक बदनाम है। इस गांव में दर्जन भर से ज्यादा हिस्ट्रीशीटर हैं। जिले में ही हाल ही में डकैती, चोरी, लूट जैसी वारदातें बढ़ने के बाद रविवार दोपहर अचानक सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह की अगुवाई में सुभाषनगर, किला, सीबीगंज समेत तीन थानों और पुलिस लाइन के फोर्स के साथ अंगूरी टांडा में छापा मारा गया। इस दौरान एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। उनसे दो तमंचों की भी बरामदगी दिखाई गई है। इसके बाद गांव में संदिग्ध लोगों के घरों में तलाशी अभियान भी चलाया गया, हालांकि इसमें कुछ खास हासिल नहीं हुआ।
अंगूरी टांडा में छापे के दौरान पुलिस कितनी सतर्क थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम में 40 दारोगा, 30 महिला पुलिसकर्मी और करीब 40 पुरुष सिपाही शामिल थे। इस कदर भारी तादाद पुलिस अचानक गांव पहुंची तो वहां भगदड़ मच गई। पुलिस के घेराबंदी करने तक ज्यादातर पुरुष घरों से गायब हो गए। पुलिस के सिर्फ हिस्ट्रीशीटर पप्पू और बदमाश शहरीम हाथ लगा। पुलिस ने गांव में सभी बदमाशों के घरों की तलाशी ली लेकिन न बदमाश मिले और न ही घरों से कोई आपत्तिजनक चीज बरामद हुई।
गांव में मिले संदिग्ध, प्रधान को दी चेतावनी
सीओ आशीष प्रताप सिंह बताया कि गांव में पांच-छह संदिग्ध व्यक्ति भी मिले जो बाहर से आकर ठहरे थे। उनके बारे में भी जानकारी कराई जा रही है। इसके अलावा ग्राम प्रधान समेत अन्य अपराधियों के परिजन को चेतावनी दी गई है कि कहीं भी संलिप्तता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।