मौके पर गए बिना ही कर ली जांच, उठ रहे सवाल
कुर्रा निर्धारण के नाम पर रिश्वत लेने को लेकर लेखपाल को निलंबित करने के मामले में जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के दौरान न तो जांच अधिकारी/राजस्व निरीक्षक मो. यूसुफ मौके पर पहुंचे और न ही शिकायतकर्ता से पूछताछ की। जांच अधिकारी/राजस्व निरीक्षक मो. यूसुफ ने बताया कि शिकायतकर्ता किसान चार भाई हैं। इनके बीच में जमीन के बंटवारे (कुर्रा निर्धारण) का मुकदमा एसडीएम कोर्ट में चल रहा है।
जांच अधिकारी ने कहा कि उन्होंने जांच के दौरान संबंधित जमीन को मौके पर जाकर नहीं देखा है। लेखपाल से वाद संख्या मांगी थी, वह भी उसने नहीं दी है। उन्होंने बताया कि लेखपाल को घूस देने के लिए 1.70 लाख रुपये का इंतजाम शिकायतकर्ता ने कहां से किया, इस बारे में उन्होंने सवाल नहीं किए हैं।
अंश गायब करने की धमकी देने पर की थी शिकायत
बताया जा रहा है कि रुपये लेने के बाद भी जब लेखपाल वीरेंद्र प्रताप सिंह कुर्रा बंटवारे के संबंध में एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट देने में देरी कर रहा था तो अर्जुन शर्मा ने प्रकरण में शिकायत की। इस पर नाराज लेखपाल ने उन्हें जमीन के खाते से अंश गायब कर देने की धमकी दी। इस पर अर्जुन दिए गए रुपये वापस मांग रहे थे। लेखपाल बहाने बनाकर टरका रहा था। इस पर अर्जुन ने डीएम से शिकायत की थी।
एसडीएम उदित पंवार ने बताया कि अर्जुन शर्मा के कुर्रा बंटवारे के वाद का निपटारा हो गया है। लेखपाल को रिश्वत लेते वायरल वीडियो और तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया है।