फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: निलंबित लेखपाल ने कोल्ड स्टोर की जमीन तक बेच डाली, सामने आई एक और काली करतूत

Fri, 10 Jan 2025 02:08 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले निलंबित लेखपाल का एक और कारनामा सामने आया है। उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर कोल्ड स्टोर की जमीन तक बेच डाली थी। 
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी लेखपाल और उसका साथी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में गरीबों के और विवादित भूखंडों पर कब्जा करने वाले निलंबित लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के गिरोह के रोज नए कारनामे सामने आ रहे हैं। लेखपाल और उसके दो गुर्गों के जेल जाने से घबराया फर्जी गवाह बृहस्पतिवार को एसएसपी अनुराग आर्य से मिला। उसने बताया कि इन्हीं लोगों ने कैंट क्षेत्र के हिम्मत सिंह कोल्ड स्टोर की जमीन बेची थी। उसे गवाह के तौर पर रखा और केवल 15 हजार रुपये दिए थे। 

विज्ञापन


हरुनगला निवासी हरिओम सागर ने एसएसपी को बताया कि सावन कुमार जायसवाल और अमित राठौर की अखबार में छपी फोटो देखी थी। इन दोनों ने कुछ समय पहले उन्हें लालच दिया था कि एक बैनामे में गवाही दे दो। इसके बदले रुपये देंगे। हरिओम लालच में आकर इनके साथ चला गया। हरिओम ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने हिम्मत सिंह कोल्ड स्टोर का फर्जी बैनामा करा लिया। कागजों पर अंगूठे और हस्ताक्षर कराए और पंद्रह सौ रुपये देकर भेज दिया। 

एसपी सिटी को सौंपी जांच 
हरिओम ने कहा कि जब उसने अखबार में ठगों की फोटो देखी तो घबरा गया। उसने एसएसपी से गुहार लगाई कि लेखपाल को शह देने वाले उसके आका और गुर्गों पर कार्रवाई करें। एसएसपी ने एसपी सिटी को मामले की जांच सौंप दी है। बता दें कि हिम्मत सिंह की पुत्रवधू बताई जा रहीं विम्मी मदान काफी समय से बेशकीमती जमीन पर हक पाने के लिए भटक रही हैं लेकिन उनके खिलाफ इसी तरह स्वामित्व के फर्जी केस करके परेशान किया जा रहा है।  

विज्ञापन

जमीन मालिक बनाकर दीपक को दिए 15 हजार
सूत्रों के मुताबिक दूसरों की जमीन हड़पने के लिए लेखपाल सावन कुमार और उसका गिरोह गवाह से लेकर जमीन का मालिक तक लोगों को यूं ही बना देता था। इसके लिए वह कमजोर तबके के लोगों को चुनते थे जो आसानी से गिरोह के झांसे में आ जाते थे। जेल भेजा गया दीपक भी इनमें से एक है। नुसरत जहां की जमीन का खुद को मालिक बताकर दीपक ने सुनील को बैनामा किया था। 

जेल जाते वक्त दीपक ने अधिकारियों को बताया कि उसे इस काम के बदले सावन ने केवल 15000 रुपये दिए थे। वहीं पांच बैनामा कर चुकी नवाबगंज निवासी बताई जा रही रेनू पुलिस को नहीं मिल पा रही है। उसके परिवार के पास अपनी छत भी नहीं है। मामूली रकम देकर उसे करोड़ों की संपत्ति की मालकिन प्रचारित किया गया। 
विज्ञापन

लेखपाल और गिरोह के सदस्यों के खाते फ्रीज
चकबंदी लेखपाल सावन कुमार के गिरोह के सदस्यों के खातों में अचानक बड़ी रकम डालकर निकाल ली गई थी। अधिकांश लोग बेहद गरीब हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों के बैंक खातों की डिटेल निकाली है, इनके खाते फ्रीज किए गए हैं। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि सावन कुमार, अमित राठौर, दीपक और सुनील के खाते फ्रीज किए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें