स्टेशन रोड समेत सिविल लाइंस क्षेत्र का अधिकांश इलाका एलईडी लाइट के दूधिया प्रकाश से जगमग हो उठा है। महीने भर में पूरे शहर के अन्य रास्ते भी इसी तरह से जगमग हो उठेंगे।
बता दें कि बिजली की बचत के लिए नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट बदलने का काम चल रहा है। सोडियम लाइट्स की जगह एलईडी लाइट लगाई जा रही हैं। इसकी जिम्मेदारी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को दी गई है। कंपनी के इंजीनियर रॉबिन ने बताया कि 26 जनवरी को उद्घाटन के बाद एक फरवरी से काम को विधिवत शुरू किया गया था। अब तक उनकी टीम वार्ड 32 के अंतर्गत आने वाले सिविल लाइंस, स्टेशन रोड, रामपुर गार्डन, सर्किट हाउस आदि इलाकों में लगभग 800 लाइट्स लगा चुकी है। पूरे शहर में 22 हजार लाइट्स लगाई जानी है, महीने भर में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
लाइट मिलने की रफ्तार भी कम
सोडियम लाइट की जगह फिलिप्स कंपनी की 35 वाट की एलईडी लगाई जा रही हैं और यह काम कई शहरों में चल रहा है। लखनऊ और गोरखपुर कंपनी की प्राथमिकता वाले शहरों में हैं, इसके चलते बरेली को लाइट की सप्लाई भी धीरे मिल रही है। अब तक बरेली को सिर्फ 2800 लाइट ही मिल सकी हैं।
नौ इंच के डिवाइडर पर लगा पोल धराशायी
शहर में नगर निगम के सामने और चौपुला समेत कई सड़कों पर नौ इंच की मोटाई वाले डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इसके चलते इनका बेस बहुत मजबूत नहीं है और सोमवार रात किसी वाहन की टक्कर लगने से नगर निगम के ठीक सामने एक पोल धराशायी हो गया। यह पोल कई दिन से झुका हुआ था। पोल नीचे गिरने के बाद उसकी एलईडी लाइट भी कोई उठा ले गया।