बरेली। विद्युत निगम में आमजन की शिकायतों के निस्तारण के लिए शासन ने सात दिन का समय निर्धारित किया है। इसके बावजूद, हेल्प डेस्क पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरती जा रही है। इस कारण उपभोक्ता महीनों से दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। पिछले एक माह में हेल्प डेस्क पर 300 से अधिक शिकायतें पहुंची हैं।
इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल में अचानक बढ़ोतरी से जुड़ी हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले नियमित बिल जमा करने के बाद भी स्मार्ट मीटर लगने पर बिल कई गुना अधिक आने लगा है। कई उपभोक्ता समय से बिल जमा करने के बावजूद अगले महीने फिर अधिक राशि का बिल मिलने की शिकायत कर रहे हैं। बिल में पुराना बकाया, गलत रीडिंग या अधिक खपत दर्शाए जाने की शिकायतें भी आम हैं। शिकायत करने पर निगम के अधिकारी बिल की जांच कराने या संबंधित पटल पर जाने की सलाह देकर जिम्मेदारी से बचते हैं। उपभोक्ता संबंधित बिलिंग पटल, मीटर विभाग और उपखंड कार्यालयों के बीच भटकते रहते हैं।
उपभोक्ताओं की समस्याओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निस्तारित करने के लिए हेल्प डेस्क पर सात डेस्क बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य शिकायत को संबंधित अधिकारी तक पहुंचाकर समयबद्ध समाधान कराना है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें अक्सर दूसरे पटल पर भेज दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कई सप्ताह और कुछ मामलों में महीने बीत जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पाती। शिकायतों की बढ़ती संख्या और इस तरह के भटकाव से व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नहीं हो रही कोई सुनवाई
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1. मई में अचानक घर की बिजली कट गई। विद्युत निगम के कार्यालय में पता किया तो बिल बकाया होने की बात कही। इस पर बिल की कुछ रकम जमा कर दी। बिजली सप्लाई सुचारू हो गई, लेकिन अब स्मार्ट मीटर लगाया गया है तो बिल 23 हजार के करीब आया है। इसकी शिकायत हेल्प डेस्क पर उस दौरान की, लेकिन दो माह से समस्या जस की तस है। - अब्दुल कदीर, निवासी एजाज नगर गौटिया
2. जून में 27 हजार का बकाया बिल के चलते सप्लाई काट दी गई। तत्काल 11 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। उसके बाद घर में स्मार्ट मीटर लगा और बिल मीटर में पहले 23 हजार दिखाया और कुछ दिन बाद 89 हजार रुपये तक बढ़कर आने लगा। मामले की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कभी इस पटल पर जाओ तो कभी यहां जाओ कहकर टाल रहे हैं। - डौली सक्सेना, निवासी इंद्रा नगर
वर्जन
हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण का अलग-अलग समय निर्धारित है। कुछ मामलों में हर बिंदु को गहनता से जांच करने के बाद ही निस्तारण किया जाता है। जिसमें समय लग सकता है, लेकिन अन्य शिकायतों को समय पर निस्तारित किया जाना चाहिए। इस मामले में हेल्प डेस्क प्रभारियों को आदेशित किया जाएगा। - ललित कुमार, अधीक्षण अभियंता शहर