फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस होेंगे

Tue, 19 Dec 2017 01:18 AM IST
बरेली।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
बड़ा बाईपास के लिए बिना मुआवजा दिए जमीन के अधिग्रहण का विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की पहल पर शासन ने डीएम और एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है। संयुक्त निदेशक  (अभियोजन) ने इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। 
प्रशासन ने 30 किलोमीटर लंबे बड़ा बाईपास के निर्माण के लिए 33 गांवों के 2400 किसानों की करीब 213 हेक्टेयर जमीन ली है। जमीन का अधिग्रहण करने के लिए पुलिस को कई बार बल प्रयोग करना पड़ा था। 22 अक्तूबर, 2013 को भूड़ा गांव में किसानों ने मुआवजे का भुगतान न होने तक कब्जे का विरोध किया तो पुलिस ने किसानों को मौके से खदेड़कर जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। किसानों की खेतों में खड़ी फसलों को भी रौंद दिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। इसमें एयरफोर्स के पास रहने वाले किसान नेता इसरार खां, मुड़िया अहमद नगर के हरिनंदन सिंह समेत सैकड़ों किसानों को नामजद किया गया। इस दौरान पुलिस ने छह लोगों को जेल भी भेजा। 
विज्ञापन

किसानों के खिलाफ बड़ा बाईपास आंदोलन मामले में कोतवाली, इज्जतनगर, भोजीपुरा और बिथरी चैनपुर थानों में आठ एफआईआर दर्ज हुईं। ये सभी मामले कोर्ट में चल रहे हैं। किसान नेताओं की मांग पर जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी शासनस्तर पर मुकदमे वापस लेने की पैरवी की। इसके बाद योगी सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। संयुक्त निदेशक, अभियोजन, बरेली ने एसएसपी को पत्र लिखकर कहा है कि अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) के पत्र पर सहायक अभियोजन अधिकारी सुनीत सिंह ने कोतवाली में किसानों के खिलाफ दर्ज दो मुकदमों की वापसी का प्रस्ताव तैयार किया है। आप अपना मत अंकित करके जिला मजिस्ट्रेट को भेज दें। बताया जा रहा है कि कोतवाली के अलावा बड़ा बाईपास की जमीन के मामले में लिखे गए बाकी मुकदमे भी वापस लिए जाने की कार्रवाई चल रही है। 
विज्ञापन



डीएम को पॉवर मिले तो किसानों का भला होगा
बरेली। बड़ा बाईपास में जिन किसानों की जमीन गई है, उनमें से 600 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। किसान मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। हालांकि कुछ किसान मुआवजे को लेकर कोर्ट चले गए हैं। डीएम ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ किसानों को बैठाकर कोर्ट के बाहर इस मसले को निपटाने की पहल की थी, लेकिन बात नहीं बनी। अब डीएम ने शासन से कोर्ट के बाहर किसानों का मसला निपटाने को पॉवर दिए जाने का प्रस्ताव भेजा है। पॉवर मिलने के बाद किसानों का मसला निपटाने के बाद उन्हें मुआवजा दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें