बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में जारी परास्नातक प्रवेश नियमावली की तिथियों में बदलाव कर दिया है। संशोधित प्रवेश कार्यक्रम के तहत अब 27 अक्तूबर तक विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए कोई विलंब शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, इसके बाद प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को निर्धारित विलंब शुल्क जमा करने पड़ेगा।
बरेली कॉलेज प्रशासन ने पिछले दिनों 13 अक्तूबर से लगातार सात दिन तक अवकाश का नोटिस जारी किया था। उधर, विश्वविद्यालय की ओर से जारी परास्नातक प्रवेश नियमावली के तहत 15 अक्तूबर तक प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी को सामान्य शुल्क और 16 अक्तूबर से विलंब शुल्क के साथ प्रवेश देने का आदेश जारी किया गया था। लिहाजा, 12 अक्तूबर को बरेली कॉलेज के प्राचार्य और प्रवेश समिति ने अवकाश होने के बावजूद 15 अक्तूबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्यालय खोलने का निर्णय लिया था। इस पर कर्मचारियों ने आपत्ति जताई थी। कर्मचारियों और छात्रों के विरोध को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय से तिथि संशोधित करने को कहा था।
हालांकि, कर्मचारियों से पहले दो बार रूटा पदाधिकारियों ने भी कुलपति से मुलाकात कर छात्रहित में तिथि संशोधित करने की मांग कर चुके थे। विश्वविद्यालय से जारी नए आदेश के तहत महाविद्यालयों की ओर से छात्रहित में की जा रही तिथि संशोधित करने की मांग पर विचार के बाद अब 27 अक्तूबर तक बगैर विलंब शुल्क के ही प्रवेश होंगे। लिहाजा, बरेली कॉलेज में भी अब 17 अक्तूबर तक अवकाश रहेगा।
अवकाश में भी काम पर पहुंचे प्राचार्य, शिक्षक
बुधवार को महाष्टमी अवकाश के बावजूद परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए बरेली कॉलेज में कार्यालय खोले गए। सेमिनार हाल में प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन और प्रवेश समन्वयक डॉ. वीपी सिंह समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे। उधर, फीस जमा करने वाले काउंटर, फार्म विक्रय कार्यालय काउंटर पर भी छात्रों की भीड़ रही। कर्मचारी काम पूरा करते नजर आए। फिर भी परास्नातक के कुछ आवेदन पूरे न हो सकें।
अराजकता के बाद भी कॉलेज नहीं पहुंची फोर्स
मंगलवार को बरेली कॉलेज में कर्मचारियों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने एक-दूसरे पर पीटने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया था। करीब तीन घंटे तक कॉलेज अखाड़ा बना रहा। कॉलेज प्राचार्य ने सुरक्षा के लिए एसएसपी और थाना बारादरी प्रभारी को पत्र लिखकर फोर्स बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन बुधवार को न फोर्स पहुंची और न ही आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसे लेकर प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पुलिस के रवैये का शिक्षण कार्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की भी आशंका जताई है।
विलंब शुल्क के साथ स्नातक में करें आवेदन
स्नातक में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया 27 सितंबर को बंद कर दी गई थी। निर्धारित समय में भी काफी विद्यार्थी प्रवेश के लिए आवेदन नहीं कर सके। महाविद्यालयों में करीब 50 हजार सीटें खाली रह गईं। महाविद्यालयों और छात्रसंगठनों के अनुरोध पर अब विश्वविद्यालय ने प्रवेश का आखिरी मौका दिया है। कुलसचिव की ओर से जारी आदेश में स्नातक में प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू करने के निर्देश महाविद्यालयों को दिए हैं। हालांकि, अबकी बार जो भी विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, उन्हें छह सौ रुपये का विलंब शुल्क जमा करना होगा। प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 26 अक्तूबर निर्धारित है।