दहेज उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपी बरी
अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (कक्ष संख्या-तीन) श्वेता श्रीवास्तव ने दहेज उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को शनिवार को बरी कर दिया। दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिलाएं कोर्ट में अपने बयान से मुकर गईं।
महिला थाने में प्रीति कुमारी ने 20 जून 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 11 मार्च 2019 को अजय गौतम से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये और बुलेट बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। उसकी हत्या की कोशिश की। 15 अक्तूबर 2019 को पति अजय गौतम, ससुर मुन्नालाल, सास राजो देवी, देवर अमित कुमार, ननद ज्योति व अंजली, जेठ मनोज, मुरारीलाल व टोनी उर्फ परवीन ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने अजय, मुन्ना लाल और राजो देवी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान प्रीति कुमारी बयान से मुकर गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया।
राजेश्वरी ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी 18 फरवरी 2018 को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के डोहरिया गांव निवासी अनिल कुमार से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। आठ मई 2018 को ससुराल वालों ने पीटकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने पति अनिल, सास फूला देवी, जेठानी बबिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान राजेशवरी बयान से पलट गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों को बरी कर दिया।