सहायक अभियंता समेत पांच निलंबित
डीएम की ओर से गठित कमेटी ने बरेली में जांच की। हाईवे के पहले पैकेज और रिंग रोड के अधिग्रहण संबंधी नौ प्रकरण संदिग्ध पाए गए। इसमें 21.52 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ। रिपोर्ट में दो भूमि अध्याप्ति अधिकारियों, पीडब्ल्यूडी के एक सहायक अभियंता, तीन अवर अभियंताओं, सेवानिवृत्त हो चुके एक अधिशासी अभियंता के साथ ही एक अमीन का नाम खोला गया। इनमें से पांच पर कार्रवाई कर दी गई है।
कमिश्नर की ओर गठित मंडलीय कमेटी की जांच में जो अधिकारी-कर्मचारी दोषी हैं, उनके नाम स्पष्ट होते ही उन पर भी कार्रवाई होगी। मंडलीय कमेटी की रिपोर्ट शासन को जा चुकी है। अब आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
जिम्मेदारी तय होते ही सामने आएंगे कई बड़े खिलाड़ी
एनएचएआई कार्यालय, कंसल्टेंसी फर्म, मूल्यांकनकर्ता और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय को एलाइनमेंट की जानकारी रहती है। एलाइनमेंट लीक होने के बाद ही पूरा खेल रचा गया। जांच में ऐसे मामलों सामने आने के बाद अब कई अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी है। इस खेल से जुड़े कई बड़े खिलाड़ियों के नाम भी उजागर होने हैं।
सरनिया के गोदाम का मूल्यांकन पूरा नहीं
सरनिया में रिंग रोड पर खड़े 60 लाख के गोदाम का मूल्यांकन छह करोड़ किए जाने के मामले में लोक निर्माण विभाग के दो अभियंताओं की टीम ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया था, लेकिन बुधवार को मूल्यांकन की रिपोर्ट फाइनल नहीं हुई है। अभियंताओं की टीम अभी मूल्यांकन की दरों और मौके की स्थिति पर मंथन कर रही है। एक-दो दिन में मूल्यांकन रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद अगली कार्रवाई हो सकेगी।