योजनाबद्ध ढंग से आए बाहरी खरीदा
जांच में सामने आया है कि बाहर से आए लोग अधिक मुआवजा पाने की मंशा से संगठित होकर योजनाबद्ध तरीके से आए थे। इनमें से कुछ लोगों ने एक से अधिक गांवों या जिलों में जमीन खरीदी। जहां भी एनएचएआई की परियोजना प्रस्तावित थी, वहां जमीन खरीद ली। समिति ने आश्चर्य जताया है कि यदि खरीदारों को हाईवे की जद में आने वाले भूखंडों की जानकारी नहीं थी तो कैसे उन्होंने सटीक जगह पर भूखंड खरीद लिए?
हाईवे के लिए प्रस्तावित गाटों की जानकारी आम लोगों को नहीं होती। ऐसे में आशंका है कि संगठित रूप से योजना बनाकर व्यक्तिगत वित्तीय लाभ के लिए सरकारी धन को क्षति पहुंचाई गई है। बता दें कि बरेली जिले के संबंधित गांव की 10 सितंबर को आई जांच रिपोर्ट में 21.52 करोड़ का घोटाला बताया गया था।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि मंडलीय जांच समिति की प्राप्त जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जो दिशानिर्देश जारी होंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा।