बरेली। तीन महीने का ब्लॉक लेकर भी लाल फाटक पर रेलवे अपने हिस्से का काम पूरा नहीं कर सका है। शनिवार को एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह के साथ हुई बैठक के दौरान रेलवे अधिकारियों ने वहां एक महीने का ब्लॉक और मांगा है। एसपी ट्रैफिक ने पूरा मामला डीएम और एसएसपी के समक्ष रखा है। इस पर डीएम ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद ही ब्लॉक को मंजूरी देने की बात कही है।
लाल फ ाटक पर वर्ष 2016 से ओवरब्रिज बनाने का काम चल रहा है। शुरुआत से ही इसके निर्माण में तमाम अड़चने आईं। लंबे समय तक मामला रक्षा मंत्रालय की एनओसी में फंसा रहा। मगर अब रेलवे की लेटलतीफी के चलते यहां का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। सितंबर में रेलवे ने यहां का काम पूरा करने के लिए तीन महीने का ब्लॉक लिया था, जिसके चलते यहां से गुजरने वाले वाहनों को विभिन्न मार्गों पर डायवर्ट किया गया। अब यह समय पूरा होने वाला है लेकिन रेलवे के हिस्से का बमुश्किल 50 फीसदी काम ही हो सका है।
इसके चलते रेलवे अफसर यहां का ब्लॉक आगे बढ़ाने के लिए पैरवी कर रहे हैं। शनिवार को रेलवे के अधिकारियों ने एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह से मुलाकात कर मुरादाबाद मंडल डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण का पत्र सौंपकर एक महीने (दिसंबर) का ब्लॉक और डायवर्जन बढ़ाने की मांग की। मगर इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका।
सेतु निगम का 95 फीसदी काम पूरा
लाल फाटक पर सेतु निगम अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर चुका है। सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह का कहना है कि कैंट क्षेत्र में सेतु निगम का ढांचागत काम पूरा हो चुका है। करीब पांच फीसदी काम रह गया है जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। रैंप बनाकर उसमें मिट्टी का भराव भी कर दिया गया है।
रेलवे के अफसरों ने एक महीने का ब्लॉक बढ़ाने के लिए कहा है। इस संबंध में डीएम को अवगत कराया है। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण कर रेलवे का काम देखने के बाद ही मंजूरी देने को कहा है। - राम मोहन सिंह, एसपी ट्रैफिक